उत्तराखंड में नदियों का रौद्र रूप, ऋषिकेश-देवप्रयाग में अलकनंदा-गंगा का बढ़ा जलस्तर

उत्तराखंड में नदियों का रौद्र रूप, ऋषिकेश-देवप्रयाग में अलकनंदा-गंगा का बढ़ा जलस्तर

देहरादून: उत्तराखंड (Uttarakhand) में लगातार हो रही मॉनसूनी बारिश (Rain) ने एक बार फिर मुश्किलें बढ़ा दी हैं। कई जिलों में मूसलाधार बारिश के चलते नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है, जबकि भूस्खलन और जलभराव के कारण प्रमुख राजमार्गों पर यातायात प्रभावित हो गया है। मौसम विभाग ने राज्य के कई हिस्सों के लिए भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है और लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।

चार जिलों में भारी बारिश की चेतावनी

भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के देहरादून केंद्र के मुताबिक शुक्रवार को देहरादून, उत्तरकाशी, पिथौरागढ़ और चंपावत जिलों में कई स्थानों पर मूसलाधार बारिश हो सकती है। पहाड़ी इलाकों में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने और तेज बारिश का दौर जारी रहने की संभावना जताई गई है। प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी है।

गंगा-अलकनंदा खतरे के निशान के करीब

लगातार बारिश का असर राज्य की प्रमुख नदियों पर भी दिखाई दे रहा है। देवप्रयाग में गंगा और अलकनंदा दोनों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है और खतरे के निशान के बेहद करीब पहुंच चुका है। ऋषिकेश के मायकुंड क्षेत्र में भी गंगा का जलस्तर तेजी से बढ़ने के बाद प्रशासन पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए है। टिहरी झील के जलस्तर में भी लगातार बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

हाईवे बंद, आवाजाही पर असर

भारी बारिश और बढ़ते जलस्तर के चलते ऋषिकेश-देवप्रयाग मार्ग पर नेशनल हाईवे-34 को बंद करना पड़ा है। इसके अलावा स्टेट हाईवे-31 और कई ग्रामीण संपर्क मार्ग भी बाधित हैं। कई गांवों का सड़क संपर्क टूटने से स्थानीय लोगों और यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

टिहरी में हालात सबसे ज्यादा चुनौतीपूर्ण

टिहरी जिले में पिछले 24 घंटे से लगातार हो रही बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। भिलंगना, बालगंगा और नैलचामी जैसी नदियां उफान पर हैं। कई निचले इलाकों में लोगों ने एहतियात के तौर पर घरों से बाहर निकलना कम कर दिया है। जिला प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों के किनारे जाने से बचने और मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करने की अपील की है। फिलहाल राहत एजेंसियां और प्रशासन पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं।