वर्षा से प्रभावित लोगों की हरसंभव मदद सुनिश्चित करें, राहत कार्य में किसी प्रकार की लापरवाही न हो : उप मुख्यमंत्री

वर्षा से प्रभावित लोगों की हरसंभव मदद सुनिश्चित करें, राहत कार्य में किसी प्रकार की लापरवाही न हो : उप मुख्यमंत्री

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के विभिन्न जनपदों में वर्षा ऋतु के दौरान हो रहे नुकसान कि खबरों का संज्ञान लेते हुए उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य (Keshav Maurya) ने ग्राम्य विकास विभाग के अधिकारियों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में वर्षा के कारण उत्पन्न होने वाली किसी भी स्थिति पर अधिकारी लगातार नजर रखें और जनसामान्य की सुरक्षा एवं सहायता को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। उप मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि ब्लॉक एवं ग्राम स्तर पर तैनात अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में 24 घंटे निगरानी रखें। वर्षा के कारण कहीं जलभराव, सड़क अथवा संपर्क मार्ग क्षतिग्रस्त होने, मकान गिरने, ग्रामीण क्षेत्रों में अन्य किसी प्रकार की क्षति होने अथवा जनजीवन प्रभावित होने की सूचना प्राप्त होती है तो उसका तत्काल संज्ञान लिया जाए।

ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार निगरानी के निर्देश

श्री मौर्य ने कहा कि वर्तमान वर्षा ऋतु को देखते हुए ग्राम्य विकास विभाग के अधिकारी अपने क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतें। ग्राम पंचायत स्तर तक अधिकारी एवं कर्मचारी स्थानीय परिस्थितियों पर लगातार नजर रखें। ग्रामीण क्षेत्रों में जलभराव, कच्चे मकानों, ग्रामीण मार्गों, नालियों, पुल-पुलियों तथा अन्य सार्वजनिक सुविधाओं पर वर्षा के प्रभाव की जानकारी समय-समय पर प्राप्त की जाए। उन्होंने कहा कि अधिकारी केवल सूचना की प्रतीक्षा न करें, बल्कि अपने क्षेत्र में सक्रिय रूप से भ्रमण करते हुए स्थिति का जायजा लें। जहां भी वर्षा के कारण लोगों के सामने कठिनाई उत्पन्न हो रही हो, वहां संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर तत्काल आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

पीड़ितों की हरसंभव मदद करें अधिकारी

उप मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि वर्षा के कारण प्रभावित होने वाले परिवारों की हरसंभव मदद की जाए। यदि किसी परिवार के आवास अथवा अन्य संपत्ति को नुकसान पहुंचता है तो संबंधित अधिकारियों द्वारा मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया जाए और नियमानुसार राहत उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि आपदा अथवा प्राकृतिक परिस्थितियों के कारण किसी भी नागरिक को अकेला महसूस नहीं होना चाहिए।

प्रशासन और विभागीय अधिकारियों की जिम्मेदारी है कि संकट की स्थिति में प्रभावित लोगों तक समय से सहायता पहुंचे। जरूरत पड़ने पर स्थानीय प्रशासन, राजस्व, पुलिस, स्वास्थ्य तथा अन्य संबंधित विभागों के साथ समन्वय करते हुए राहत एवं बचाव कार्यों को गति दी जाए।

सूचना देने में किसी प्रकार की देरी न हो

श्री मौर्य ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी घटना की सूचना को छिपाया या लंबित न रखा जाए। घटना की जानकारी मिलते ही तत्काल उच्चाधिकारियों को अवगत कराया जाए, ताकि स्थिति की गंभीरता के अनुसार आवश्यक निर्णय लिया जा सके। उन्होंने कहा कि वर्षा से होने वाले नुकसान को कम करने के लिए समय पर सूचना और त्वरित कार्रवाई अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसलिए ब्लॉक एवं ग्राम स्तर के अधिकारी स्थानीय स्तर पर प्राप्त होने वाली प्रत्येक सूचना को गंभीरता से लें और तत्काल आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करें।

उन्होंने कहा कि किसी भी अप्रिय घटना अथवा नुकसान की जानकारी उच्चाधिकारियों को बिना विलंब के उपलब्ध कराई जाए, जिससे आवश्यक राहत एवं बचाव कार्य समय से शुरू किए जा सकें।