BSP ने फूंका चुनावी बिगुल! सतीश चंद्र मिश्रा को मिली बड़ी जिम्मेदारी

BSP ने फूंका चुनावी बिगुल! सतीश चंद्र मिश्रा को मिली बड़ी जिम्मेदारी

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर बहुजन समाज पार्टी ने अपनी तैयारियों को तेज कर दिया है। पार्टी संगठन को विधानसभा स्तर पर सक्रिय करने के साथ कार्यकर्ता सम्मेलनों और जनसंपर्क अभियानों के जरिए संभावित उम्मीदवारों को लेकर भी प्रक्रिया आगे बढ़ा रही है।

BSP की रणनीति में इस बार सर्वसमाज को साधने पर खास जोर है। पार्टी अलग-अलग सामाजिक वर्गों को अपने साथ जोड़ने की कोशिश कर रही है। इसी क्रम में ब्राह्मण समाज को भी पार्टी के साथ जोड़ने और आगामी चुनाव में पर्याप्त प्रतिनिधित्व देने की कवायद चल रही है।

पूर्ण बहुमत के पुराने मॉडल पर नजर

BSP नेतृत्व 2007 के चुनावी मॉडल को एक बार फिर मजबूत सामाजिक समीकरण के रूप में देख रहा है। पार्टी का लक्ष्य विभिन्न वर्गों के बीच अपनी पकड़ बढ़ाकर आगामी विधानसभा चुनाव में मजबूत वापसी करना बताया जा रहा है।

इसके लिए विधानसभा क्षेत्रों में लगातार संगठनात्मक गतिविधियां बढ़ाई जा रही हैं। कार्यकर्ता सम्मेलनों के जरिए जमीनी स्तर पर पार्टी की स्थिति मजबूत करने और चुनावी माहौल तैयार करने पर जोर दिया जा रहा है।

सतीश चंद्र मिश्र की भूमिका बढ़ी

BSP के राष्ट्रीय महासचिव सतीश चंद्र मिश्र को चुनावी और संगठनात्मक तैयारियों में अहम जिम्मेदारी दी गई है। वरिष्ठ अधिवक्ता मिश्र उत्तर प्रदेश के महाधिवक्ता रह चुके हैं। इसके अलावा वह बार काउंसिल के अध्यक्ष, BSP सरकार में कैबिनेट मंत्री और राज्यसभा सांसद की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं।

पार्टी सूत्रों के अनुसार, कानूनी और मीडिया मामलों के साथ अब चुनाव आयोग से जुड़े कामकाज में भी उनकी भूमिका महत्वपूर्ण होगी। इससे प्रत्याशी चयन से लेकर चुनावी प्रक्रिया से जुड़े कानूनी मामलों तक पार्टी को उनका अनुभव मिलने की उम्मीद है।

चुनावी मैदान में बढ़ेगी हलचल

BSP समर्थकों को भी संगठन की गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी करने और विरोधी दलों की रणनीतियों पर नजर रखने के निर्देश दिए जा रहे हैं। अब देखना यह होगा कि सर्वसमाज और ब्राह्मणों को साथ लाने की यह रणनीति 2027 के चुनाव में BSP के लिए कितना बड़ा राजनीतिक आधार तैयार कर पाती है।