अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर अमृतसर में श्री दरबार साहिब में हुए नतमस्तक

अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर अमृतसर में श्री दरबार साहिब में हुए नतमस्तक

अमृतसर। भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने सोमवार को 28 सदस्यीय अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल के साथ सचखंड श्री हरिमंदिर साहिब में माथा टेककर श्रद्धा प्रकट की। इस दौरान उन्होंने गुरबाणी कीर्तन श्रवण किया और श्री हरिमंदिर साहिब की मर्यादा तथा सेवा परंपरा के बारे में जानकारी हासिल की। अमेरिकी राजदूत के दौरे से पहले स्वर्ण मंदिर में सुरक्षा कड़ी करके 150 जवान तैनात किये गए थे।

गोर का यह श्री हरिमंदिर साहिब का दूसरा दौरा बताया गया है। वह करीब 15 वर्ष पहले भी यहां आ चुके हैं। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी और श्री अकाल तख्त साहिब के कार्यकारी जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज ने सूचना केंद्र में अमेरिकी राजदूत का स्वागत किया। उन्हें श्री हरिमंदिर साहिब का स्वर्णिम मॉडल, धार्मिक पुस्तकें और लोई देकर सम्मानित किया गया।

बैठक के दौरान अमेरिका में हाल ही में ‘मिस्टर सिंह’ नाम के इस्तेमाल से जुड़े अमेरिकी होमलैंड सिक्योरिटी विभाग के पोस्टर का मामला भी उठाया गया। एसजीपीसी ने पहले इस पोस्ट पर आपत्ति जताते हुए अमेरिकी दूतावास को पत्र लिखा था, जिसके बाद विवादित पोस्ट हटा दी गई थी। धामी ने अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल से भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने, इसके लिए जरूरी कदम उठाने की बात कही। उन्होंने कहा कि अमेरिका के विकास में पंजाबियों और विशेष रूप से सिख समुदाय का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। साथ ही वहां रह रहे सभी समुदायों की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया।

ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज ने कहा कि श्री हरिमंदिर साहिब में दुनिया के अलग-अलग देशों और धर्मों से लोग आते हैं और गुरु घर की परंपरा के अनुसार हर व्यक्ति का सम्मान किया जाता है। उन्होंने बताया कि अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल के साथ अमेरिका में रह रहे सिख समुदाय से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर भी विचार-विमर्श किया गया। अमेरिकी राजदूत की एसजीपीसी नेतृत्व के साथ सिख समुदाय से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की पुष्टि अन्य रिपोर्टों में भी हुई है।

सर्जियो गोर ने विजिटर बुक में अपनी भावनाएं दर्ज करते हुए श्री हरिमंदिर साहिब में दोबारा आने को विशेष अनुभव बताया। इस मौके पर एसजीपीसी के विभिन्न पदाधिकारियों, श्री दरबार साहिब के अधिकारियों और अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।