लखीमपुर खीरी। महाराजा कंसा पासी के ऐतिहासिक किले और उनके आराध्य भगवान शिव के मंदिर की मुक्ति एवं संरक्षण की मांग शनिवार को लखीमपुर खीरी में गूंज उठी। लाखन आर्मी के संस्थापक एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष सूरज पासी के नेतृत्व में कस्ता विधानसभा क्षेत्र में रोड शो निकाला गया। इसके बाद मितौली क्षेत्र के मुल्तानपुर गांव में आयोजित जनसभा में उन्होंने पासी समाज से अपने इतिहास को जानने, बच्चों को शिक्षित करने और अधिकारों के लिए संगठित होने का आह्वान किया।
जनसभा को संबोधित करते हुए सूरज पासी ने कहा कि जिस समाज को अपना इतिहास मालूम होता है, वही अपने अधिकार और भविष्य की दिशा तय कर सकता है। पासी समाज का इतिहास वीरता, संघर्ष और स्वाभिमान से भरा है, लेकिन नई पीढ़ी को इससे दूर रखा गया। महाराजा कंसा पासी की विरासत को जन-जन तक पहुंचाने के साथ उनके किले और भगवान शिव के मंदिर की मुक्ति का अभियान अब रुकने वाला नहीं है।
चुनाव के बाद भुला दिया जाता है पासी समाज
सूरज पासी ने राजनीतिक दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि चुनाव आते ही नेताओं को पासी समाज की याद आने लगती है। वे घर-घर पहुंचते हैं और बड़े-बड़े वादे करते हैं, लेकिन चुनाव समाप्त होते ही समाज की समस्याएं पीछे छूट जाती हैं। अब पासी समाज किसी के बहकावे में नहीं आएगा। वह अपने सम्मान, हिस्सेदारी और अधिकारों के आधार पर निर्णय करेगा।
उन्होंने कहा कि समाज को शराब, भोजन और दूसरे प्रलोभन देकर प्रभावित करने की राजनीति को समझना होगा। वोट क्षणिक लाभ के लिए नहीं, बल्कि बच्चों की शिक्षा, रोजगार, सम्मान और आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के लिए होना चाहिए। संविधान के नाम पर केवल चुनाव के समय डर पैदा करने वालों से भी सवाल पूछना होगा कि चुनाव के बाद वे समाज के अधिकारों और समस्याओं पर कहां चले जाते हैं।
हर घर तक पहुंचे शिक्षा और इतिहास की बात
सूरज पासी ने कहा कि केवल राजनीतिक भागीदारी से समाज मजबूत नहीं होगा। इसके लिए हर परिवार को बच्चों की पढ़ाई पर ध्यान देना होगा। शिक्षा ही वह रास्ता है, जिससे नई पीढ़ी अपने अधिकार समझेगी और नेतृत्व के लिए आगे आएगी। उन्होंने लोगों से अपने महापुरुषों का इतिहास पढ़ने और उसे बच्चों तक पहुंचाने की अपील की।
उन्होंने कहा कि लाखन आर्मी गांव-गांव जाकर समाज को उसकी ताकत का अहसास करा रही है। यह अभियान किसी चुनाव तक सीमित नहीं है। महाराजा कंसा पासी के किले और शिव मंदिर की मुक्ति, ऐतिहासिक विरासत के संरक्षण और समाज की एकजुटता के लिए जनजागरण लगातार जारी रहेगा।
