हरिद्वार। उत्तराखंड मंत्रिमंडल ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सरकार प्रमुख के रूप में 25 वर्ष पूरे होने पर सोमवार को धन्यवाद प्रस्ताव पारित कर उनके प्रति आभार व्यक्त किया। प्रस्ताव में राज्य में 2.25 लाख करोड़ रुपये से अधिक की अवस्थापना परियोजनाओं पर काम होने का उल्लेख करते हुए वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण में विकसित उत्तराखंड की महत्वपूर्ण भूमिका सुनिश्चित करने का संकल्प दोहराया गया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हरिद्वार स्थित मेला नियंत्रण भवन में हुई बैठक में राज्य के विकास, केंद्र सरकार के सहयोग और प्राकृतिक आपदाओं के दौरान मिली सहायता की सराहना की गई। बैठक में इसके अलावा 13 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इनमें सेवामुक्त अग्निवीरों के लिए समूह ‘ग’ के वर्दीधारी पदों पर सीधी भर्ती में क्षैतिज आरक्षण संबंधी नई नियमावली, उत्तराखंड बाढ़ मैदान परिक्षेत्रण नियमावली और मुख्यमंत्री राज्य बाल वीरता पुरस्कार योजना प्रमुख हैं। मंत्रिमंडल ने द्वितीय उत्तराखंड जन विश्वास (प्रावधानों में संशोधन) विधेयक, 2026 और उत्तराखंड अग्निशमन एवं आपात सेवा विधेयक, 2026 को विधानसभा में पेश करने की भी मंजूरी दी। विधानसभा के वर्ष 2026 के तीसरे सत्र को आहूत करने के लिए मुख्यमंत्री को अधिकृत किया गया।
मंत्रिमंडल की ओर से पारित धन्यवाद प्रस्ताव में कहा गया कि प्रधानमंत्री मोदी ने सात अक्टूबर 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में अपनी राजनीतिक यात्रा शुरू की थी। सरकार प्रमुख के रूप में उनके 25 वर्ष के सेवाकाल को सेवा, सुशासन, समर्पण और राष्ट्र प्रथम की भावना का प्रतीक बताया गया। प्रस्ताव में कहा गया कि जनधन योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, आयुष्मान भारत, स्वच्छ भारत मिशन, जल जीवन मिशन और प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि जैसी योजनाओं से करोड़ों लोगों को लाभ मिला है।
डिजिटल इंडिया, प्रत्यक्ष लाभ अंतरण और एकीकृत भुगतान प्रणाली (यूपीआई) को शासन में पारदर्शिता और नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने वाली पहल बताया गया। प्रस्ताव में अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को निरस्त करने, पूर्व सैनिकों के लिए वन रैंक वन पेंशन लागू करने, चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ का पद सृजित करने और चंद्रयान-3 की सफलता का भी उल्लेख किया गया।
मंत्रिमंडल ने उत्तराखंड के प्रति प्रधानमंत्री के विशेष लगाव का उल्लेख करते हुए कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के बीच समन्वय से विकास परियोजनाओं को गति मिली है। प्रस्ताव के अनुसार, राज्य में सड़क, रेल, रोपवे, ऊर्जा, स्वास्थ्य, उद्योग और पर्यटन के क्षेत्रों में 2.25 लाख करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं पर काम चल रहा है।
दिल्ली-देहरादून आर्थिक गलियारे, चारधाम महामार्ग विकास परियोजना, ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना, सोनप्रयाग-केदारनाथ रोपवे और गोविंदघाट-हेमकुंड साहिब रोपवे का उल्लेख करते हुए इन्हें प्रदेश की संपर्क व्यवस्था और पर्यटन के लिए महत्वपूर्ण बताया गया। केदारनाथ पुनर्निर्माण, बदरीनाथ धाम के मास्टर प्लान, जमरानी बांध, लखवाड़ और किशाऊ बहुउद्देशीय परियोजनाओं तथा टिहरी में 1,000 मेगावाट क्षमता के पंप्ड स्टोरेज प्लांट का भी प्रस्ताव में जिक्र किया गया।
सिलक्यारा और धराली आपदा में सहयोग के लिए आभार
धन्यवाद प्रस्ताव में प्राकृतिक आपदाओं के दौरान केंद्र सरकार की ओर से मिले सहयोग की सराहना की गई। मंत्रिमंडल ने कहा कि नवंबर 2023 में उत्तरकाशी की सिलक्यारा सुरंग में फंसे 41 श्रमिकों को सुरक्षित निकालने के लिए चलाए गए अभियान के दौरान प्रधानमंत्री लगातार स्थिति की जानकारी लेते रहे। वर्ष 2024 में सहस्त्रताल और केदारनाथ यात्रा मार्ग पर आई आपदाओं के दौरान केंद्र सरकार और भारतीय वायुसेना ने बचाव कार्यों में सहयोग दिया।
प्रस्ताव में अगस्त 2025 में उत्तरकाशी के धराली क्षेत्र में आई आपदा का भी उल्लेख किया गया। मंत्रिमंडल के अनुसार, प्रधानमंत्री ने संकट के समय राज्य की परिस्थितियों की जानकारी लेकर हरसंभव सहायता का भरोसा दिया। बैठक में आपदा के समय सहयोग, विकास परियोजनाओं और जनकल्याणकारी योजनाओं के लिए प्रधानमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए उन्हें आभार पत्र भेजने का निर्णय लिया गया।
मंत्रिमंडल ने सेवामुक्त अग्निवीरों के लिए राज्याधीन सेवाओं के समूह ‘ग’ के सीधी भर्ती वाले वर्दीधारी पदों पर सेवायोजन संबंधी क्षैतिज आरक्षण नियमावली, 2026 को मंजूरी दी। वर्ष 2025 की नियमावली में अग्निवीरों के लिए 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण का प्रावधान था। नई नियमावली में केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप लिखित परीक्षा और शारीरिक मानक परीक्षा में छूट देने संबंधी प्रावधान शामिल किए गए हैं।
द्वितीय उत्तराखंड जन विश्वास (प्रावधानों में संशोधन) विधेयक, 2026 को विधानसभा में पेश करने की मंजूरी दी गई। इसके तहत छोटे अपराधों को अपराध की श्रेणी से बाहर करने तथा मामूली तकनीकी और प्रक्रियात्मक त्रुटियों के लिए नागरिक दंड और प्रशासनिक कार्रवाई की व्यवस्था प्रस्तावित है।
उत्तराखंड अग्निशमन एवं आपात सेवा विधेयक, 2026 को भी विधानसभा में पेश करने की स्वीकृति दी गई। यह विधेयक केंद्र सरकार के मॉडल फायर सर्विस बिल, 2019 के अनुरूप तैयार किया गया है।
मंत्रिमंडल ने उत्तराखंड बाढ़ मैदान परिक्षेत्रण नियमावली, 2026 को मंजूरी दी। इसका उद्देश्य बाढ़ संभावित क्षेत्रों में भूमि उपयोग और विकास गतिविधियों को विनियमित करना तथा बाढ़ के प्राकृतिक प्रवाह को बनाए रखते हुए जन-धन और आधारभूत ढांचे को संभावित नुकसान से बचाना है।
हरिद्वार के ऋषिकुल स्थित श्री मदन मोहन मालवीय प्राच्य शोध संस्थान के विकास के लिए सोसायटी के गठन को सैद्धांतिक मंजूरी दी गई। संस्थान को योग एवं ध्यान, आयुर्वेद अनुसंधान, ज्योतिष, प्राच्य अध्ययन, ललित कला, हिंदू अध्ययन एवं दर्शन और आध्यात्मिक पर्यटन के केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना है।
मुख्यमंत्री राज्य बाल वीरता पुरस्कार योजना को भी मंजूरी दी गई। इसके तहत विपरीत परिस्थितियों में असाधारण साहस, पराक्रम और मानवीय संवेदना का परिचय देने वाले बच्चों को सम्मानित किया जाएगा।
स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत स्वजल और राज्य जल एवं स्वच्छता मिशन के कुल 215 पदों की निरंतरता एक मार्च 2026 से 28 फरवरी 2027 तक बढ़ाने की मंजूरी दी गई। इनमें स्वजल के 189 और राज्य जल एवं स्वच्छता मिशन के 26 पद शामिल हैं।
मंत्रिमंडल ने उत्तराखंड निवेश और आधारिक संरचना (विकास और विनियमन) अधिनियम, 2023 की अनुसूची में संशोधन को मंजूरी दी। इसके तहत सार्वजनिक अभिकरणों, स्थानीय निकायों और राज्य के सार्वजनिक उपक्रमों की परिसंपत्तियों के विनिवेश एवं मुद्रीकरण से प्राप्त आय का 92 प्रतिशत हिस्सा संबंधित सार्वजनिक अभिकरणों को देने का प्रावधान किया गया है।
हरिद्वार जिले के भगवानपुर क्षेत्र के ग्राम सिसौना में प्रस्तावित किफायती आवासीय परियोजना के पहुंच मार्ग की न्यूनतम चौड़ाई में तीन मीटर की छूट दी गई। परियोजना के लिए नौ मीटर चौड़े मार्ग की आवश्यकता थी, जबकि मौके पर छह मीटर चौड़ा मार्ग उपलब्ध है।
ऊधमसिंह नगर जिले के बाजपुर क्षेत्र के ग्राम भौना इस्लामनगर में औद्योगिक से आवासीय भू-उपयोग परिवर्तन संबंधी शासनादेश में खसरा संख्या की त्रुटि सुधारने को मंजूरी दी गई। संस्कृति विभाग के वित्तीय अधिकारों से संबंधित प्रावधान में संशोधन को भी स्वीकृति दी गई।
धन्यवाद प्रस्ताव में आदि कैलाश और ॐ पर्वत क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के प्रयासों का उल्लेख किया गया। मंत्रिमंडल ने कहा कि सीमांत गांवों को देश के अंतिम गांव के बजाय प्रथम गांव के रूप में पहचान देने की पहल के तहत उत्तराखंड के 51 गांवों को वाइब्रेंट विलेजेज कार्यक्रम में प्राथमिकता दी गई है।
प्रस्ताव में छह मार्च 2025 को प्रधानमंत्री के मुखवा दौरे का उल्लेख करते हुए कहा गया कि उन्होंने हर्षिल से देशवासियों से शीतकाल में उत्तराखंड आने का आह्वान किया था। इसके बाद शीतकालीन यात्रा में श्रद्धालुओं और पर्यटकों की संख्या लगभग 80 हजार से बढ़कर डेढ़ लाख तक पहुंचने का दावा किया गया। मंत्रिमंडल ने प्रधानमंत्री की लखपति दीदी परिकल्पना को भी महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण के लिए महत्वपूर्ण बताया।
मंत्रिमंडल ने केंद्र सरकार से मिल रहे सहयोग के प्रति आभार व्यक्त करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी। साथ ही विधानसभा के वर्ष 2026 के तीसरे सत्र को आहूत करने के लिए मुख्यमंत्री को तिथि और स्थान निर्धारित करने के लिए अधिकृत किया गया।
