लोकसभा में विपक्ष के भारी हंगामे के बीच एंटी पेपर लीक बिल पारित हो गया। केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने बिल पर हुई लंबी चर्चा का जवाब दिया, जिसके बाद इसे ध्वनिमत से मंजूरी दे दी गई। इसके बाद लोकसभा की कार्यवाही गुरुवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।
बिल पर जवाब देते हुए केंद्रीय मंत्री ने विपक्ष के नेता राहुल गांधी के आरोपों को खारिज किया। उन्होंने कहा कि कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन के दौरान न तो गोली चली और न ही पैलेट गन का इस्तेमाल किया गया। उन्होंने दावा किया कि प्रदर्शनकारियों पर सिर्फ आंसू गैस के गोले छोड़े गए थे।
राहुल गांधी के आरोपों पर सरकार का जवाब
जितेंद्र सिंह ने कहा कि गोली चलाने का आदेश सरकार नहीं बल्कि प्रशासनिक अधिकारी और मजिस्ट्रेट देते हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि जब गोली चली ही नहीं तो आदेश देने की बात करना बेबुनियाद है। उन्होंने राहुल गांधी पर बिना तथ्यों के बयान देने का आरोप लगाया।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इतने महत्वपूर्ण विधेयक पर चर्चा के दौरान विपक्ष को सुझाव देने चाहिए थे, लेकिन इसके बजाय राजनीतिक आरोप लगाए गए। उन्होंने राहुल गांधी के बयान पर आपत्ति जताते हुए कहा कि देश के युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दे पर राजनीति नहीं होनी चाहिए।
पीएम आवास के पास प्रदर्शन को लेकर निशाना
जितेंद्र सिंह ने राहुल गांधी पर तंज कसते हुए कहा कि 21 जुलाई को वह प्रधानमंत्री आवास के पास प्रदर्शन में शामिल हुए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि शुरुआत में राहुल गांधी इस आंदोलन से दूरी बनाए हुए थे, लेकिन बाद में आंदोलन को बढ़ता देखकर इसमें शामिल हो गए।
राहुल गांधी ने सरकार पर लगाए थे आरोप
इससे पहले एंटी पेपर लीक बिल पर चर्चा के दौरान राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा था। उन्होंने आरोप लगाया था कि देश की शिक्षा व्यवस्था पर आरएसएस का प्रभाव बढ़ रहा है और परीक्षा प्रणाली पर उसका नियंत्रण है।
राहुल गांधी ने कहा था कि केवल शिक्षा मंत्री को बदलने से व्यवस्था में बदलाव नहीं आएगा। उन्होंने पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को सिर्फ एक “प्रतीक” बताते हुए कहा था कि असली समस्या पूरी शिक्षा व्यवस्था से जुड़ी है।
