CBI रेड पर भगवंत मान का तंज, ‘खाली हाथ लौटी टीम, हमें मिली क्लीन चिट’

CBI रेड पर भगवंत मान का तंज, ‘खाली हाथ लौटी टीम, हमें मिली क्लीन चिट’

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने राज्य में हुई सीबीआई की करीब 12 घंटे की कार्रवाई को लेकर भाजपा पर निशाना साधा है। मान ने दावा किया कि जांच एजेंसी की टीमें कई जगहों पर तलाशी के बाद खाली हाथ लौटीं। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव से पहले केंद्रीय एजेंसियों के जरिए चुनी हुई सरकार और मुख्यमंत्री को डराने की कोशिश की जा रही है।

मान ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि सीबीआई की कार्रवाई राजनीतिक बौखलाहट का नतीजा है। उन्होंने कहा कि वह और उनकी सरकार ऐसी कार्रवाई से डरने या झुकने वाली नहीं है। उनके मुताबिक, सरकार का उद्देश्य पंजाब की सेवा करना है और वह किसी भी जांच का सामना करने के लिए तैयार है।

‘केंद्रीय एजेंसियों का सामना करेंगे’

संगरूर में एक कार्यक्रम के बाद पत्रकारों से बातचीत में मान ने कहा कि पंजाब सरकार केंद्रीय एजेंसियों की कार्रवाई से पीछे नहीं हटेगी। उन्होंने दावा किया कि सीबीआई की टीमों ने पूरे पंजाब में तलाशी ली, लेकिन उन्हें कुछ नहीं मिला।

मुख्यमंत्री ने रेड के समय पर भी सवाल उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब में विधानसभा चुनाव नजदीक आने के साथ भाजपा ने राजनीतिक गतिविधियां तेज कर दी हैं। मान ने दिल्ली और दूसरे राज्यों में चुनाव से पहले केंद्रीय एजेंसियों की कार्रवाई का भी हवाला दिया।

‘पंजाब दबाव में नहीं झुकेगा’

मान ने कहा कि सीबीआई की कार्रवाई का उद्देश्य उनके, उनके परिवार और पंजाब सरकार के कामकाज की छवि खराब करना है। उन्होंने कहा कि ऐसी कार्रवाई से सरकार का काम प्रभावित नहीं होगा।

मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार की ‘युद्ध नशे के विरुद्ध’ मुहिम का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पंजाब में नशे के खिलाफ अभियान युवाओं के भविष्य को ध्यान में रखकर चलाया जा रहा है और किसी भी राजनीतिक दबाव से यह अभियान कमजोर नहीं होगा।

पंजाब के मुद्दों पर BJP को घेरा

मान ने पंजाब यूनिवर्सिटी, BBMB, SYL नहर, RDF और बॉर्डर एरिया फंड समेत कई मुद्दों को लेकर भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने किसान आंदोलन का जिक्र करते हुए कृषि कानूनों के विरोध में किसानों की मौतों को लेकर भी भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए।

विपक्षी कांग्रेस और शिरोमणि अकाली दल पर भी मान ने हमला बोला। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अंदरूनी खींचतान में उलझी है, जबकि अकाली दल अपनी पिछली राजनीति के कारण कमजोर हुआ है। मान ने दावा किया कि आम आदमी पार्टी 2027 के विधानसभा चुनाव में पंजाब की राजनीति में नया अध्याय लिखेगी।