देहरादून। उत्तराखंड में कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के पृथक क्षेत्रीय एवं जिला कार्यालयों की स्थापना का रास्ता खुल सकता है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी (CM Dhami) द्वारा केंद्र सरकार को भेजे गए प्रस्ताव पर केंद्रीय श्रम एवं रोजगार तथा युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने सकारात्मक प्रतिक्रिया देते हुए आश्वासन दिया है कि राज्य की मांग पर ईपीएफओ के प्रचलित मानकों और नीतियों के अनुरूप गंभीरता से विचार किया जाएगा।
केंद्रीय मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने मुख्यमंत्री को भेजे अपने पत्र में कहा है कि ईपीएफओ के नए कार्यालयों की स्थापना अथवा मौजूदा कार्यालयों के उन्नयन का निर्णय कार्यभार, कार्यक्षेत्र, कर्मचारियों की संख्या, प्रशासनिक आवश्यकताओं और सेवा वितरण की जरूरतों के आधार पर लिया जाता है। उन्होंने बताया कि हाल के वर्षों में विभिन्न क्षेत्रीय कार्यालयों के बीच कार्यभार का संतुलन बनाए रखने और सेवा प्रदायगी को अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से ईपीएफओ कार्यालयों का युक्तिकरण भी किया गया है।
पत्र में केंद्रीय मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री द्वारा उठाए गए सभी सुझावों और मांगों को गंभीरता से संज्ञान में लिया गया है तथा उनका परीक्षण ईपीएफओ की निर्धारित नीतियों और मानकों के अनुरूप किया जाएगा।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड में कर्मचारियों, पेंशनभोगियों तथा औद्योगिक प्रतिष्ठानों की संख्या लगातार बढ़ रही है। ऐसे में ईपीएफओ की सेवाओं का विस्तार राज्य के हित में आवश्यक है, जिससे लाभार्थियों को अधिक सुगम, त्वरित और प्रभावी सेवाएं उपलब्ध हो सकें।
मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि केंद्र सरकार उत्तराखंड की भौगोलिक परिस्थितियों और जनहित को ध्यान में रखते हुए राज्य में ईपीएफओ के क्षेत्रीय एवं जिला कार्यालयों के विस्तार के संबंध में सकारात्मक निर्णय लेगी।
