पंजाब के संगरूर जिले में धूरी के लोगों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के लिए एक महत्वपूर्ण परियोजना की शुरुआत हुई है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान (CM Bhagwant Singh Mann) ने बरड़वाल गांव में 47.38 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले 14 मिलियन लीटर प्रतिदिन (MLD) क्षमता के वाटर ट्रीटमेंट प्लांट की आधारशिला रखी। परियोजना पूरी होने के बाद धूरी शहर और आसपास के क्षेत्रों में करीब 85 हजार लोगों को बेहतर पेयजल आपूर्ति का लाभ मिलने की उम्मीद है। इस परियोजना की खास बात यह है कि इसमें नहर के पानी को आधुनिक तरीके से साफ करके पीने योग्य बनाया जाएगा।
भविष्य की जरूरतों को पूरा करने में मिलेगी मदद
इसके बाद उपचारित पानी को लोगों तक पहुंचाने की योजना है। इससे धूरी की मौजूदा जल आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत करने के साथ भविष्य की जरूरतों को पूरा करने में भी मदद मिलने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री ने स्वच्छ पेयजल को लोगों की बुनियादी जरूरत बताते हुए कहा कि दूषित पानी कई बीमारियों का कारण बन सकता है। ऐसे में सुरक्षित पानी की उपलब्धता सीधे तौर पर लोगों के स्वास्थ्य से जुड़ा विषय है।
भूजल पर निर्भरता कम करने की कोशिश
पंजाब में लगातार गिरता भूजल स्तर लंबे समय से चिंता का विषय है। इसी वजह से इस परियोजना में नहरी पानी को प्रमुख स्रोत बनाया गया है। सरकार का कहना है कि सतही जल का ज्यादा इस्तेमाल होने से भूजल पर दबाव कम करने में मदद मिल सकती है। मुख्यमंत्री के मुताबिक, पंजाब में नहरी पानी के इस्तेमाल को बढ़ाने के लिए पिछले वर्षों में पाइपलाइन नेटवर्क का विस्तार किया गया है।
धूरी का यह प्रोजेक्ट भी इसी दिशा में उठाया गया कदम है। कुल मिलाकर, 14 MLD क्षमता वाला यह प्लांट धूरी की पेयजल व्यवस्था को मजबूत करने के साथ भूजल संरक्षण की कोशिशों में भी भूमिका निभा सकता है। हालांकि, परियोजना का वास्तविक असर इसके पूरा होने और नियमित रूप से संचालित होने के बाद ही स्पष्ट होगा।