नवरात्र में नारी शक्ति की आराधना के साथ उसके सम्मान और सुरक्षा का संकल्प भी जरूरी: मुख्यमंत्री योगी

नवरात्र में नारी शक्ति की आराधना के साथ उसके सम्मान और सुरक्षा का संकल्प भी जरूरी: मुख्यमंत्री योगी

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शारदीय नवरात्र के पावन अवसर पर प्रदेशवासियों के नाम लिखी अपनी पाती में सभी को हृदय से मंगलकामनाएं दीं। उन्होंने नवरात्र को आदिशक्ति मां दुर्गा की आराधना, अधर्म पर धर्म की विजय और समाज में सकारात्मक मूल्यों की स्थापना का पर्व बताते हुए मातृशक्ति के सम्मान, सुरक्षा और स्वावलंबन का संकल्प दोहराया। मुख्यमंत्री ने लिखा कि नवरात्र केवल धार्मिक आस्था का पर्व नहीं, बल्कि अहंकार, दुराग्रह, आसक्ति और नकारात्मक प्रवृत्तियों पर विजय प्राप्त करने की प्रेरणा भी देता है।

महिषासुर का वध कर मां दुर्गा ने की धर्म और न्याय की पुनर्स्थापना

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपनी पाती में मां दुर्गा के प्राकट्य और महिषासुर वध के प्रसंग का उल्लेख करते हुए कहा कि देवताओं की सामूहिक ऊर्जा से आदिशक्ति मां दुर्गा का प्राकट्य हुआ था। मां ने महिषासुर का वध कर धर्म और न्याय की पुनर्स्थापना की। उन्होंने कहा कि मां जगतजननी ममता और वात्सल्य की प्रतिमूर्ति हैं, लेकिन आवश्यकता पड़ने पर वे चंडी का रूप धारण कर अधर्म और अन्याय का विनाश भी करती हैं।

मुख्यमंत्री ने प्रभु श्रीराम की शक्ति साधना के प्रसंग को भी याद किया। उन्होंने कहा कि लंका विजय से पूर्व प्रभु श्रीराम ने मां जगतजननी की आराधना की थी। मान्यता के अनुसार, 108 नीलकमलों से पूजा के दौरान एक कमल कम पड़ जाने पर प्रभु श्रीराम ने अपना नयन अर्पित करने का निश्चय किया। उनकी भक्ति से प्रसन्न होकर मां ने उन्हें विजय का वरदान दिया। यह प्रसंग श्रद्धा, समर्पण, संकल्प और धर्म के प्रति अटूट निष्ठा का संदेश देता है।

मां के नौ स्वरूपों में निहित हैं साहस, शक्ति और न्याय के मूल्य

सीएम योगी ने कहा कि मां दुर्गा के नौ स्वरूपों में विनम्रता, साहस, शक्ति, संकल्प, न्याय और धर्म की विजय का भाव निहित है। नवरात्र हमें सिखाता है कि सज्जनता के साथ शक्ति और दृढ़ संकल्प का सामर्थ्य भी होना चाहिए। जीवन में सकारात्मकता, आत्मविश्वास और न्याय के मूल्यों को अपनाकर ही समाज को बेहतर बनाया जा सकता है।

उन्होंने लिखा कि नवरात्र का वास्तविक संदेश तभी सार्थक होगा, जब धार्मिक आस्था के साथ समाज में महिलाओं के प्रति सम्मान, संवेदनशीलता और समान अवसरों की भावना भी मजबूत होगी।

विंध्यवासिनी से शाकुम्भरी तक शक्तिपीठों में उमड़ती है श्रद्धालुओं की आस्था

मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत का उल्लेख करते हुए लिखा कि प्रदेश के प्रमुख शक्तिपीठों मां विंध्यवासिनी, मां पाटेश्वरी और मां शाकुम्भरी के दरबार में श्रद्धालुओं की गहरी आस्था देखने को मिलती है। इन धार्मिक स्थलों पर बढ़ती श्रद्धालुओं की सहभागिता के साथ युवाओं की उपस्थिति नई पीढ़ी के अपनी सांस्कृतिक विरासत से जुड़ाव को भी दर्शाती है।

उन्होंने लिखा कि उत्तर प्रदेश आस्था, संस्कृति और परंपराओं के पुनर्जागरण का एक महत्वपूर्ण केंद्र बन रहा है। नवरात्र जैसे पर्व समाज को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने के साथ ही नैतिक मूल्यों और सामाजिक जिम्मेदारियों की याद दिलाते हैं।

2020 में शुरू हुआ था मिशन शक्ति अभियान

महिला सुरक्षा और सशक्तीकरण पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने लिखा कि प्रदेश सरकार बेटियों को शिक्षा, सुरक्षा और समान अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। इसी दिशा में शारदीय नवरात्र के अवसर पर वर्ष 2020 में मिशन शक्ति अभियान शुरू किया गया था। इसका उद्देश्य महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और सशक्तीकरण को जनभागीदारी से जोड़ना है, ताकि समाज के प्रत्येक वर्ग में महिलाओं के प्रति जिम्मेदारी और संवेदनशीलता विकसित हो।

मुख्यमंत्री ने बताया कि उत्तर प्रदेश पुलिस बल में 44 हजार से अधिक महिलाएं कार्यरत हैं। पुलिस भर्ती में महिलाओं के लिए 20 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित किया गया है। इसके अतिरिक्त ऊदा देवी पासी, झलकारी बाई कोरी और रानी अवंतीबाई लोधी के नाम पर तीन महिला प्रांतीय सशस्त्र कांस्टेबुलरी (पीएसी) बटालियन गठित की गई हैं। ये पहलें महिला भागीदारी और सुरक्षा व्यवस्था में उनकी भूमिका को बढ़ाने के प्रयासों का हिस्सा हैं।

कन्या सुमंगला योजना से बालिकाओं की शिक्षा को प्रोत्साहन

मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना का उल्लेख करते हुए योगी आदित्यनाथ ने लिखा कि इस योजना के माध्यम से बालिकाओं की शिक्षा और उनके उज्ज्वल भविष्य को प्रोत्साहित किया जा रहा है। महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने में स्वयं सहायता समूहों की भूमिका पर भी उन्होंने प्रकाश डाला।

मुख्यमंत्री के अनुसार, प्रदेश में 10 लाख से अधिक स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर एक करोड़ से अधिक महिलाएं स्वावलंबन की दिशा में आगे बढ़ रही हैं। इन समूहों के माध्यम से महिलाएं आर्थिक गतिविधियों में भागीदारी कर रही हैं और आत्मनिर्भरता की नई राह बना रही हैं।

महिलाओं की सुरक्षा और आत्मनिर्भरता में समाज भी निभाए जिम्मेदारी

सीएम योगी ने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे महिलाओं के सम्मान और सशक्तीकरण को केवल सरकारी योजनाओं तक सीमित न रखें, बल्कि इसे सामाजिक जिम्मेदारी के रूप में अपनाएं। उन्होंने कहा कि किसी बहन की सुरक्षा के लिए उसकी आवाज बनें, किसी बालिका की शिक्षा में सहयोग करें और आत्मनिर्भर बनने की राह पर आगे बढ़ रही महिलाओं का संबल बनें।

मुख्यमंत्री ने लिखा कि आदिशक्ति की आराधना तभी पूर्ण होगी, जब प्रदेश की मातृशक्ति सुरक्षित, सम्मानित और स्वावलंबी बनेगी। महिलाओं को समान अवसर उपलब्ध कराना, उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए सहयोग देना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है।

उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि मातृशक्ति की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन के संकल्प को साकार करके ही विकसित उत्तर प्रदेश के लक्ष्य की दिशा में आगे बढ़ा जा सकता है। नवरात्र का पर्व इसी संकल्प को मजबूत करने और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की प्रेरणा देता है।