बच्चों से भरी स्कूल बस में लगी आग, ड्राइवर की सूझबूझ से बची 43 मासूमों की जान

बच्चों से भरी स्कूल बस में लगी आग, ड्राइवर की सूझबूझ से बची 43 मासूमों की जान

बठिंडा: पंजाब के बठिंडा में बीबी वाला रोड पर गुरुवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब स्कूल की छुट्टी के बाद बच्चों को घर छोड़ने जा रही एक प्राइवेट स्कूल बस में अचानक आग लग गई। हादसे के समय बस में 43 बच्चे सवार थे। बस से धुआं उठते ही बच्चों में चीख-पुकार मच गई, लेकिन चालक की तत्परता और राहगीरों की मदद से सभी बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।

राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी भी बच्चे के घायल होने की सूचना नहीं है। समय रहते बस खाली करा लेने से एक बड़ा हादसा टल गया।

चलती बस से उठा धुआं, देखते ही देखते भड़क उठी आग

जानकारी के अनुसार, स्कूल बस बीबी वाला रोड से बच्चों को लेकर गुजर रही थी। इसी दौरान बस के भीतर से अचानक धुआं निकलने लगा। कुछ ही पलों में आग ने बस को अपनी चपेट में लेना शुरू कर दिया।

स्थिति की गंभीरता को समझते हुए चालक ने तुरंत बस सड़क किनारे रोक दी और बच्चों को बाहर निकालने का प्रयास शुरू किया। आसपास मौजूद लोगों ने भी बिना देर किए राहत कार्य में हाथ बंटाया।

खिड़कियां तोड़कर निकाले गए सभी बच्चे

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, आग लगने के बाद बस के मुख्य दरवाजे से बच्चों को तेजी से बाहर निकालने में दिक्कत हो रही थी। ऐसे में चालक और स्थानीय लोगों ने बस की खिड़कियों के शीशे तोड़ दिए, ताकि बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके।

इसके बाद एक-एक कर सभी 43 बच्चों को बस से बाहर निकाल लिया गया। बच्चों के सुरक्षित बाहर आने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली, जबकि मौके पर कुछ समय तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।

शॉर्ट सर्किट की आशंका, जांच के बाद खुलेगा राज

बस चालक ने प्रारंभिक तौर पर आशंका जताई है कि आग वायरिंग में शॉर्ट सर्किट के कारण लगी हो सकती है। हालांकि अधिकारियों की ओर से अभी आग लगने की वास्तविक वजह की पुष्टि नहीं की गई है।

अब बस की तकनीकी स्थिति, वायरिंग सिस्टम और अन्य सुरक्षा मानकों की जांच की जाएगी। जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि आग का कारण तकनीकी खराबी थी या कोई अन्य वजह।

स्कूल बसों की फिटनेस और सुरक्षा पर उठे सवाल

43 बच्चों से भरी स्कूल बस में आग लगने की घटना ने एक बार फिर स्कूल वाहनों की फिटनेस और फायर सेफ्टी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि इस बस के सुरक्षा प्रमाणपत्र और फिटनेस की स्थिति को लेकर अभी कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।

फिलहाल सबसे बड़ी राहत यही रही कि चालक और स्थानीय लोगों की सूझबूझ से सभी बच्चे सुरक्षित बचा लिए गए। मामले की विस्तृत जांच के बाद ही हादसे की असली वजह सामने आएगी।