पंजाब पुलिस का एंटी-गैंगस्टर अभियान ‘गैंगस्टरां ते वार’ अपने 200 दिन पूरे कर चुका है। इस दौरान पुलिस ने पूरे राज्य में बड़े पैमाने पर कार्रवाई करते हुए 1,09,087 छापेमारी की। अभियान के तहत 1,532 घोषित अपराधियों (प्रोक्लेम्ड ऑफेंडर्स) को गिरफ्तार किया गया, जबकि गैंगस्टरों, उनके सहयोगियों और अन्य वांछित अपराधियों के खिलाफ भी व्यापक कार्रवाई की गई।
मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली सरकार के मार्गदर्शन में शुरू किया गया यह अभियान खुफिया सूचनाओं के आधार पर चलाया जा रहा है। इसका फोकस केवल गैंगस्टरों की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है, बल्कि उनके वित्तीय नेटवर्क, हथियारों, नशे के कारोबार, रसद व्यवस्था और विदेशों में बैठे संचालकों तक पहुंचने पर भी है।
58 हजार से ज्यादा अपराधियों पर कार्रवाई
पंजाब पुलिस के मुताबिक, अभियान के दौरान 58,212 लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई। इनमें 853 गैंगस्टर और उनके सहयोगी तथा 57,359 वांछित अपराधी शामिल हैं।
निवारक कार्रवाई के तहत 28,201 लोगों को हिरासत में लिया गया, जबकि 18,514 लोगों का सत्यापन करने के बाद उन्हें छोड़ दिया गया। पुलिस के मुताबिक, अलग-अलग कार्रवाइयों को मिलाकर कुल 1,04,927 व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई की गई।
डीजीपी गौरव यादव ने कहा कि अभियान अब बहुआयामी कार्रवाई का रूप ले चुका है। पुलिस का लक्ष्य सिर्फ अपराधियों को गिरफ्तार करना नहीं, बल्कि संगठित अपराध को खड़ा करने वाले पूरे तंत्र को कमजोर करना है।
हथियार और विस्फोटक भी बड़ी मात्रा में बरामद
अभियान के दौरान पुलिस ने 990 अवैध हथियार, 242 धारदार हथियार, 2,739 कारतूस और 315 मैगजीन बरामद कीं। इसके अलावा 2.5 किलोग्राम विस्फोटक और 15 हैंड ग्रेनेड भी जब्त किए गए।
पुलिस की कार्रवाई का एक बड़ा हिस्सा गैंगस्टर नेटवर्क और नशा तस्करी के बीच के गठजोड़ को तोड़ने पर भी केंद्रित रहा।
करोड़ों की ड्रग्स और नकदी जब्त
पंजाब पुलिस के मुताबिक, 200 दिनों की कार्रवाई में 774.38 किलोग्राम हेरोइन, 480.23 किलोग्राम अफीम और 7,266.26 किलोग्राम पोस्त भूसी बरामद की गई।
इसके अलावा 26,91,455 नशीली गोलियां, 1.73 करोड़ रुपये से अधिक की ड्रग मनी, करीब 1.80 करोड़ रुपये नकद और 413.85 ग्राम सोना जब्त किया गया।
विदेश में बैठे गैंगस्टरों तक पहुंची पुलिस
एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स (एजीटीएफ) के एडीजीपी प्रमोद बान के मुताबिक, आधुनिक संगठित अपराध अब डिजिटल संचार और विदेशों में बैठे संचालकों के जरिए संचालित हो रहा है। इसलिए पुलिस ने फील्ड ऑपरेशन के साथ वित्तीय ट्रैकिंग, डिजिटल इंटेलिजेंस और केंद्रीय एजेंसियों के साथ समन्वय पर भी जोर दिया है।
अभियान के दौरान फरार गैंगस्टर भुवनेश चोपड़ा उर्फ आशीष चोपड़ा को मध्य एशिया से और जोबनजीत सिंह उर्फ जोबन बिल्ला को इंडोनेशिया के जकार्ता से भारत वापस लाया गया। इन कार्रवाइयों में केंद्रीय एजेंसियों और संबंधित संस्थाओं के साथ समन्वय किया गया।
शराब, वाहन और ड्रोन भी जब्त
गैंगस्टर नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 64,402.77 लीटर अवैध शराब, 34,840 बोतलें और 926 पेटियां बरामद कर नष्ट कीं।
इसके अलावा आपराधिक गतिविधियों में इस्तेमाल किए जा रहे 4,978 मोबाइल फोन, 1,781 वाहन और 61 ड्रोन भी जब्त किए गए। पुलिस का कहना है कि इन कार्रवाइयों से अपराधियों की रसद और संचार व्यवस्था को कमजोर करने में मदद मिली है।
गैंगस्टरों की सूचना देने के लिए टिपलाइन
एजीटीएफ ने नागरिकों की भागीदारी बढ़ाने के लिए 9394693946 नंबर पर एक समर्पित टिपलाइन शुरू की है। लोग इस नंबर पर गैंगस्टरों, वांछित अपराधियों और उनकी गतिविधियों से जुड़ी जानकारी गोपनीय तरीके से साझा कर सकते हैं।
पुलिस ने विश्वसनीय सूचना देने वालों के लिए इनाम नीति भी लागू की है। अधिकारियों के मुताबिक, सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।
पंजाब पुलिस का कहना है कि ‘गैंगस्टरां ते वार’ का अगला चरण भी संगठित अपराध के पूरे नेटवर्क को निशाना बनाने पर केंद्रित रहेगा। अब चुनौती इन कार्रवाइयों को लगातार जारी रखते हुए गैंगस्टर नेटवर्क के वित्तीय और अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन को पूरी तरह कमजोर करने की है।
