यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र में विकसित होगी इंटरनेशनल ट्रेड सिटी

यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र में विकसित होगी इंटरनेशनल ट्रेड सिटी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में औद्योगिक विकास को नई गति देने और प्रदेश के स्थानीय उत्पादों को देश-दुनिया के बाजार से जोड़ने की दिशा में योगी सरकार लगातार कदम उठा रही है। इसी क्रम में यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) क्षेत्र में चीन की यीवू (Yiwu) इंटरनेशनल ट्रेड सिटी की तर्ज पर इंटरनेशनल ट्रेड सिटी विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। हाल में संपन्न यीडा की बोर्ड मीटिंग में इस परियोजना की परिकल्पना की गई है। प्रस्तावित सिटी को व्यापार, उद्योग और निर्यात के एक नए वैश्विक केंद्र के रूप में विकसित किए जाने की योजना है।

इंटरनेशनल ट्रेड सिटी के माध्यम से क्षेत्र के औद्योगिक उत्पादों को एक ऐसा संगठित और स्वीकृत बाजार उपलब्ध होगा, जहां उत्पादों का प्रदर्शन, बिक्री और निर्यात एक ही प्लेटफॉर्म से किया जा सकेगा। इससे स्थानीय उद्यमियों और औद्योगिक इकाइयों को नए खरीदारों तक पहुंच बनाने के साथ ही अंतरराष्ट्रीय व्यापार के अवसर प्राप्त होंगे।

स्थानीय उत्पादों को मिलेगा वैश्विक बाजार

योगी सरकार की औद्योगिक नीति का प्रमुख लक्ष्य उत्तर प्रदेश को केवल बड़े निवेश का केंद्र बनाना ही नहीं, बल्कि यहां तैयार होने वाले उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाना भी है। इंटरनेशनल ट्रेड सिटी इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कड़ी साबित हो सकती है। प्रस्तावित इंटरनेशनल ट्रेड सिटी में विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े औद्योगिक उत्पादों के लिए व्यवस्थित बाजार और प्रदर्शन की सुविधा विकसित किए जाने की परिकल्पना है। इससे उत्पादकों को अपने उत्पाद सीधे देश-विदेश के खरीदारों के सामने प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा। साथ ही निर्यातकों और संभावित विदेशी खरीदारों के बीच व्यावसायिक संपर्क बढ़ाने में भी मदद मिलेगी।

यीवू की तर्ज पर व्यापार का बड़ा प्लेटफॉर्म

चीन के यीवू इंटरनेशनल ट्रेड सिटी को दुनिया के प्रमुख थोक व्यापार केंद्रों में गिना जाता है, जहां बड़ी संख्या में उत्पादों के लिए एक संगठित बाजार उपलब्ध है। इसी अवधारणा को ध्यान में रखते हुए यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र में प्रस्तावित इंटरनेशनल ट्रेड सिटी को विकसित करने की दिशा में पहल की जा रही है। इसका उद्देश्य एक ऐसा वन-स्टॉप ट्रेडिंग डेस्टिनेशन तैयार करना है, जहां विभिन्न औद्योगिक उत्पादों के प्रदर्शन, कारोबार और संभावित निर्यात के लिए सुविधाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध हो सकें।

जेवर एयरपोर्ट और औद्योगिक कॉरिडोर का मिलेगा लाभ

यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र में तेजी से विकसित हो रहे औद्योगिक एवं बुनियादी ढांचे के बीच इंटरनेशनल ट्रेड सिटी की परिकल्पना को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विस्तार ले रहा नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट भी भविष्य में व्यापार और लॉजिस्टिक्स की संभावनाओं को मजबूत करने वाला प्रमुख आधार बन सकता है। एक्सप्रेसवे कनेक्टिविटी, औद्योगिक क्षेत्रों और एयर कार्गो जैसी सुविधाओं के विकास से उत्पादों की आवाजाही और अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंच को बेहतर बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है। इससे क्षेत्र में व्यापारिक गतिविधियों के विस्तार के साथ नई औद्योगिक इकाइयों और निवेश की संभावनाएं भी बढ़ेंगी।

एमएसएमई और स्थानीय उद्यमियों को सबसे बड़ा लाभ

इंटरनेशनल ट्रेड सिटी का सबसे महत्वपूर्ण लाभ सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) और स्थानीय उद्यमियों को मिल सकता है। अक्सर छोटे उद्यमों के सामने अपने उत्पादों को बड़े बाजार और अंतरराष्ट्रीय खरीदारों तक पहुंचाने की चुनौती रहती है। प्रस्तावित ट्रेड सिटी ऐसे उद्यमियों के लिए मार्केट एक्सेस का नया माध्यम बन सकती है। यहां उन्हें अपने उत्पादों को प्रदर्शित करने, नए खरीदारों से संपर्क करने और व्यापारिक नेटवर्क का विस्तार करने का अवसर मिलेगा। इससे स्थानीय स्तर पर उत्पादन को बढ़ावा मिलने के साथ रोजगार के नए अवसर भी सृजित हो सकते हैं।

निवेश से लेकर निर्यात तक मजबूत इकोसिस्टम

योगी सरकार के कार्यकाल में उत्तर प्रदेश में एक्सप्रेसवे, एयरपोर्ट, औद्योगिक पार्क और लॉजिस्टिक्स इन्फ्रास्ट्रक्चर के विकास पर विशेष जोर दिया गया है। इंटरनेशनल ट्रेड सिटी की परिकल्पना को इसी व्यापक औद्योगिक इकोसिस्टम से जोड़कर देखा जा रहा है। उद्देश्य यह है कि प्रदेश में आने वाला निवेश केवल उत्पादन इकाइयों की स्थापना तक सीमित न रहे, बल्कि उत्पादन से बाजार और बाजार से वैश्विक निर्यात तक पूरी वैल्यू चेन विकसित हो। इंटरनेशनल ट्रेड सिटी इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में काम कर सकती है, जहां उत्पादकों, खरीदारों, निर्यातकों और व्यापारिक संस्थाओं को एक साझा मंच मिल सकेगा।

‘ओडीओपी’ को भी मिल सकती है नई उड़ान

उत्तर प्रदेश के एक जनपद-एक उत्पाद (ओडीओपी) जैसे अभियानों के लिए भी इस प्रकार का अंतरराष्ट्रीय व्यापार केंद्र महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। प्रदेश के विभिन्न जिलों के विशिष्ट उत्पादों को बड़े बाजारों और अंतरराष्ट्रीय खरीदारों तक पहुंचाने के लिए यह एक अतिरिक्त मंच उपलब्ध करा सकता है। इससे स्थानीय उत्पादों की ब्रांडिंग, बाजार विस्तार और निर्यात की संभावनाओं को बल मिल सकता है। खासतौर पर ऐसे उत्पाद जिनमें अंतरराष्ट्रीय बाजार की मांग मौजूद है, उन्हें संगठित व्यापारिक प्लेटफॉर्म मिलने से नए अवसर पैदा हो सकते हैं।

उत्तर प्रदेश को ग्लोबल ट्रेड हब बनाने की दिशा में कदम

योगी सरकार की औद्योगिक विकास की रणनीति में उत्तर प्रदेश को निवेश, उत्पादन और निर्यात के प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करने पर जोर है। इससे एक ओर जहां स्थानीय उद्योगों को नए बाजार मिलेंगे, वहीं दूसरी ओर उत्तर प्रदेश की वैश्विक व्यापार क्षमता को भी मजबूती मिल सकती है। आने वाले समय में यह क्षेत्र उद्योग, व्यापार, लॉजिस्टिक्स और निर्यात गतिविधियों के संगम के रूप में विकसित हो सकता है। यही नहीं, इसके विकास से प्रत्यक्ष रूप से व्यापारिक गतिविधियां बढ़ने के साथ ही लॉजिस्टिक्स, वेयरहाउसिंग, परिवहन, पैकेजिंग, मार्केटिंग, निर्यात सेवाओं और अन्य सहायक क्षेत्रों में भी रोजगार एवं कारोबार के अवसर पैदा होने की संभावना है।