नंदा की चौकी पुल सुरक्षित, सिर्फ एप्रोच रोड धंसी; जिम्मेदारों पर होगी कार्रवाई: सचिव पीडब्ल्यूडी

नंदा की चौकी पुल सुरक्षित, सिर्फ एप्रोच रोड धंसी; जिम्मेदारों पर होगी कार्रवाई: सचिव पीडब्ल्यूडी

देहरादून। लगातार हो रही भारी बारिश के बीच देहरादून के नंदा की चौकी (Nanda ki Chauki) स्थित नवनिर्मित पुल को लेकर उठ रहे सवालों पर लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने स्थिति स्पष्ट की है। विभाग के सचिव पंकज कुमार पांडेय (Pankaj Kumar Pandey) ने कहा कि पुल पूरी तरह सुरक्षित है और केवल उसकी एप्रोच रोड का एक हिस्सा बारिश के कारण धंसा है। क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत युद्ध स्तर पर की जा रही है ताकि जल्द से जल्द यातायात बहाल किया जा सके।

सचिव पंकज कुमार पांडेय ने बताया कि बीती रात हुई मूसलाधार बारिश के दौरान पुल की एप्रोच रोड के नीचे से मलबा बह जाने के कारण सड़क का एक हिस्सा धंस गया। हालांकि, पुल की मुख्य संरचना पूरी तरह सुरक्षित है और उसमें किसी प्रकार की क्षति नहीं पहुंची है।

उन्होंने बताया कि घटना की गंभीरता को देखते हुए विभाग के मुख्य अभियंता को मौके पर भेजा गया है। उन्हें एप्रोच रोड की मरम्मत के साथ-साथ घटना के कारणों की विस्तृत जांच करने के निर्देश दिए गए हैं। जांच रिपोर्ट में यदि किसी अधिकारी या निर्माण एजेंसी की लापरवाही सामने आती है तो संबंधित अधिकारी और ठेकेदार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

सचिव ने कहा कि लगातार बारिश के चलते नदी का जलस्तर और बहाव बढ़ गया है। इसी को देखते हुए सिंचाई विभाग की टीम भी मौके पर तैनात है और नदी के बहाव को नियंत्रित करने के प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि मरम्मत कार्य में किसी तरह की बाधा न आए।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि प्रदेश में कहीं भी नई बनी सड़क या अन्य निर्माण कार्य समय से पहले क्षतिग्रस्त होने की स्थिति में उसके कारणों की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी और दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों एवं ठेकेदारों के विरुद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

प्रदेशभर में मानसून के दौरान बंद हुई सड़कों के संबंध में सचिव ने बताया कि लोक निर्माण विभाग सभी मार्गों को जल्द से जल्द खोलने के लिए युद्ध स्तर पर काम कर रहा है। बंद सड़कों की स्थिति विभागीय पोर्टल पर लगातार लाइव अपडेट की जा रही है और प्रयास है कि अधिकांश मार्गों को 24 घंटे के भीतर यातायात के लिए खोल दिया जाए।

उन्होंने बताया कि देहरादून–मसूरी मार्ग पर भी एक स्थान पर नया जलस्रोत सक्रिय होने से बार-बार मलबा आने की समस्या बनी हुई है। वहां विभाग की टीमें मशीनों और आवश्यक उपकरणों के साथ लगातार तैनात हैं ताकि मार्ग को सुरक्षित और सुचारु रखा जा सके।