THDC Tunnel Accident: सेना ने संभाला रेस्क्यू अभियान, लापता तीन श्रमिकों की तलाश जारी

THDC Tunnel Accident: सेना ने संभाला रेस्क्यू अभियान, लापता तीन श्रमिकों की तलाश जारी

देहरादून। उत्तराखंड के चमोली जिले के पिपलकोटी में निर्माणाधीन जलविद्युत परियोजना की सुरंग में हुए हादसे के बाद बचाव अभियान में सेना की टीम भी जुट गई है। जोशीमठ से सेना की मानवीय सहायता एवं आपदा राहत (एचएडीआर) टीम को तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना किया गया। सेना की टीम ने सुरंग के भीतर करीब 1.5 किलोमीटर तक पहुंचकर बचाव अभियान में महत्वपूर्ण सहयोग दिया।

सेना की टीम में अधिकारी, जूनियर कमीशंड अधिकारी (जेसीओ) और जवानों के साथ विशेष रूप से प्रशिक्षित के-9 दल तथा चिकित्सा दल भी शामिल हैं। घटनास्थल पर पहुंचने के बाद सेना के जवानों ने सुरंग के भीतर स्थिति का आकलन किया और बचाव अभियान को गति दी। विशेष बचाव उपकरणों के साथ सुरंग के भीतर आगे बढ़ी सेना की टीम ने फंसे श्रमिकों को बाहर निकालने में सहयोग किया।

प्रशासन के अनुसार घटना में अब तक सात श्रमिकों की मौत हुई है। हादसे के बाद करीब 22 श्रमिकों के फंसे होने की सूचना मिली थी, जिनमें से 19 को बाहर निकाला जा चुका है, जबकि तीन श्रमिकों की तलाश जारी है।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सुरंग हादसे में हुई जनहानि पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों के प्रति संवेदना जताते हुए घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। रक्षा मंत्री ने सुरंग में अभी भी फंसे श्रमिकों के सुरक्षित बचाव की कामना की। उन्होंने कहा कि इस कठिन समय में उनकी संवेदनाएं मृतकों के परिवारों के साथ हैं।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने घायल श्रमिकों से मिलकर उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया एक्स पर बताया कि पीपलकोटी में प्रभावित टनल क्षेत्र के स्थलीय निरीक्षण के उपरांत जिला अस्पताल गोपेश्वर पहुंचकर रेस्क्यू किए गए घायल श्रमिकों से भेंट की और उनका कुशलक्षेम जाना। इस दौरान उनके स्वास्थ्य एवं उपचार के संबंध में चिकित्सकों से भी जानकारी ली।

उन्होंने बताया कि चिकित्सकों व संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि घायल श्रमिकों को बेहतर से बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए और उनके उपचार में किसी भी स्तर पर कोई कमी न रहे। आवश्यकता पड़ने पर उन्हें तत्काल उच्च चिकित्सा केंद्र रेफर करने, हेली एंबुलेंस अथवा अन्य आवश्यक चिकित्सा संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि ईश्वर से घायल श्रमिकों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं।