पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के चंडीगढ़ स्थित कैंप ऑफिस और उनके OSD राजबीर सिंह घुम्मन से जुड़े ठिकानों पर CBI की कार्रवाई के बाद राज्य में सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। CBI ने पंजाब और चंडीगढ़ में कुल आठ ठिकानों पर तलाशी ली और लैपटॉप, मोबाइल फोन व दस्तावेज जब्त किए हैं। एजेंसी के मुताबिक, जब्त सामग्री की जांच की जा रही है।
यह कार्रवाई पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के 5 अक्टूबर के आदेश के बाद दर्ज FIR के आधार पर हुई। CBI ने मुख्यमंत्री के OSD राजबीर सिंह घुम्मन समेत छह लोगों को आरोपी बनाया है। मामले में कथित तौर पर सरकारी अधिकारियों की पोस्टिंग, टेंडर, नीतिगत फैसलों और अन्य प्रशासनिक मामलों को प्रभावित करने के बदले आर्थिक लाभ लेने के आरोपों की जांच हो रही है।
‘रेड में कुछ नहीं मिला’
संगरूर में भगवंत मान ने CBI की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि जिन-जिन जगहों पर छापेमारी हुई, वहां एजेंसी को कुछ नहीं मिला। उन्होंने आरोप लगाया कि यह कार्रवाई उन्हें, उनके परिवार और पंजाब सरकार को बदनाम करने के मकसद से की जा रही है।
मान ने CBI रेड को 2027 के विधानसभा चुनाव से भी जोड़ा। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव नजदीक आने पर भाजपा केंद्रीय जांच एजेंसियों के जरिए विपक्षी नेताओं को निशाना बनाती है। हालांकि, CBI की कार्रवाई हाईकोर्ट के निर्देश के बाद दर्ज भ्रष्टाचार मामले की जांच के तहत हुई है।
छह लोगों पर FIR
CBI की FIR में राजबीर सिंह घुम्मन के अलावा नितिन गोहल, जितिन गोहल उर्फ राजा, रोमी राजा महाजन, बीर देविंदर और आरएस नागरा के नाम शामिल हैं। एजेंसी के अनुसार, मामले में कथित भ्रष्टाचार और प्रभाव के इस्तेमाल से जुड़े आरोपों की जांच की जा रही है। CBI ने सभी छह आरोपियों को पूछताछ के लिए भी बुलाया है।
CBI की कार्रवाई की पृष्ठभूमि में ED की ओर से पंजाब के DGP को भेजी गई शिकायत और हाईकोर्ट की सुनवाई है। हाईकोर्ट ने ED की ओर से पेश सामग्री के आधार पर CBI को मामले की जांच का निर्देश दिया था और दो महीने में रिपोर्ट देने को कहा है। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि आरोपों की अंतिम सच्चाई जांच और ट्रायल के दौरान तय होगी।
पंजाब सरकार ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया
हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ पंजाब सरकार ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। इसी बीच CBI ने FIR दर्ज कर तलाशी की कार्रवाई शुरू कर दी। अब मामले में जांच एजेंसी की आगे की कार्रवाई और सुप्रीम कोर्ट में राज्य सरकार की याचिका पर होने वाली सुनवाई पर नजर रहेगी।
