लखनऊ: समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोमवार को लखनऊ में प्रेसवार्ता कर भाजपा सरकार पर कई मुद्दों को लेकर निशाना साधा। उन्होंने शिक्षा, मदरसों और चुनाव प्रक्रिया को लेकर सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। अखिलेश ने कहा कि भाजपा को केवल लोगों को बांटना आता है और उनकी सरकार बनने पर शिक्षा व्यवस्था में सुधार किया जाएगा।
उन्होंने शिक्षा मित्रों को लेकर कहा कि सत्ता में आने पर उन्हें बेहतर बनाने के साथ शिक्षक के रूप में सम्मान देने की दिशा में काम किया जाएगा। अखिलेश ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने आधी-अधूरी नौकरी और आधी-अधूरी शिक्षा देने का काम किया है।
चुनाव आयोग पर भी उठाए सवाल
2022 के विधानसभा चुनाव का जिक्र करते हुए अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग की गड़बड़ियों के कारण प्रदेश में सपा की सरकार नहीं बन सकी। उन्होंने दावा किया कि सपा समर्थकों के वोट काटे गए थे और अब चुनाव प्रक्रिया से जुड़ी कई बातें सामने आ रही हैं।
अखिलेश ने कहा कि भाजपा कार्यकर्ताओं ने गांव-गांव से वोट कटवाने की कोशिश की और बड़ी संख्या में Form-7 भरकर भेजे गए। उन्होंने लखनऊ का उदाहरण देते हुए दावा किया कि एक व्यक्ति ने 100 से ज्यादा वोट हटाने के लिए फॉर्म जमा किए, जबकि उनके मुताबिक एक व्यक्ति अधिकतम पांच मतदाताओं के नाम हटाने के लिए आवेदन कर सकता है।
उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर भी निशाना साधते हुए कहा कि अगर मुख्यमंत्री चुनाव आयोग का बचाव कर रहे हैं तो इससे कई सवाल खड़े होते हैं। अखिलेश ने आरोप लगाया कि ऐसे मामलों में बचाव करने वाले लोग भी घोटाले में शामिल हो सकते हैं।
2027 को लेकर भी किया दावा
अखिलेश यादव ने कहा कि चुनावों में वोट चोरी और बेईमानी की शिकायतें लंबे समय से सामने आती रही हैं। उन्होंने दावा किया कि 2022 में बड़ी संख्या में सपा समर्थकों के वोट काटे गए और अब इस तरह की खबरें सार्वजनिक होने से लोगों को चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाने का मौका मिल रहा है।
उन्होंने पश्चिम बंगाल और बिहार में चुनाव से जुड़ी कथित गड़बड़ियों का हवाला देते हुए कहा कि अदालत को इन मामलों का स्वतः संज्ञान लेकर दोबारा चुनाव कराने पर विचार करना चाहिए। अखिलेश ने दावा किया कि 2024 में सपा ने भाजपा को हराया और 2027 में भाजपा का सफाया कर देगी।
सपा अध्यक्ष ने भाजपा पर पूंजीपतियों के हित में काम करने का आरोप भी लगाया। हालांकि, उनके द्वारा लगाए गए चुनावी गड़बड़ी और वोट कटने के आरोपों पर संबंधित चुनाव प्राधिकरण का पक्ष इस बयान में सामने नहीं आया है।
