राघव चड्ढा के वोटर लिस्ट से नाम कटने पर चिदंबरम का तंज, बोले- ‘वे अकेले नहीं हैं’

राघव चड्ढा के वोटर लिस्ट से नाम कटने पर चिदंबरम का तंज, बोले- ‘वे अकेले नहीं हैं’

चंडीगढ़: पंजाब में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले चुनाव आयोग के SIR अभियान के तहत जारी ड्राफ्ट वोटर लिस्ट को लेकर सियासत गरमा गई है। भाजपा के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा (Raghav Chaddha) का नाम सूची में नहीं होने पर कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री पी चिदंबरम (P Chidambaram) ने उन पर तंज कसा है।

पी चिदंबरम ने शुक्रवार को एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि राघव चड्ढा अकेले ऐसे व्यक्ति नहीं हैं, जिनका नाम वोटर लिस्ट से हटाया गया है। उन्होंने दावा किया कि चुनाव आयोग ने देश की वयस्क आबादी के करीब 10 फीसदी हिस्से को ‘नॉन-वोटिंग नागरिक’ बना दिया है।

चिदंबरम ने लिखा कि उन्होंने एक दिन पहले अपने दोस्त राघव चड्ढा को ‘भारत का नॉन-वोटिंग नागरिक’ बनने पर बधाई दी थी। इसके साथ ही उन्होंने SIR के तहत बड़ी संख्या में नाम हटाए जाने को लेकर भी सवाल उठाया।

दरअसल, राघव चड्ढा ने गुरुवार को पंजाब की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में अपना नाम नहीं होने पर आम आदमी पार्टी सरकार पर निशाना साधा था। उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब सरकार बदले की राजनीति को अब ड्राफ्ट वोटर लिस्ट तक ले आई है।

चड्ढा ने कहा था कि वह पंजाब से मौजूदा राज्यसभा सांसद हैं और उनका वोटर आईडी मोहाली में रजिस्टर्ड है। इसके बावजूद ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में उनका नाम ‘Shifted’ यानी दूसरी जगह चले जाने वाले व्यक्ति के तौर पर दर्ज किया गया है।

हालांकि, चड्ढा ने यह भी स्पष्ट किया कि यह अंतिम मतदाता सूची नहीं है। उन्होंने कहा कि दावे और आपत्तियों की प्रक्रिया अभी जारी है और अंतिम वोटर लिस्ट अक्टूबर 2026 में जारी की जाएगी। उन्होंने बताया कि SIR गाइडलाइंस के तहत उपलब्ध उपायों का इस्तेमाल करने की प्रक्रिया उन्होंने शुरू कर दी है।

राघव चड्ढा के आरोपों को AAP ने खारिज कर दिया है। पार्टी का कहना है कि मतदाता सूची तैयार करने की प्रक्रिया चुनाव आयोग के अधीन है और इसमें पंजाब सरकार की कोई भूमिका नहीं है।

ऐसे में ड्राफ्ट वोटर लिस्ट को लेकर शुरू हुआ विवाद फिलहाल राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तक पहुंच गया है। अंतिम सूची में राघव चड्ढा का नाम किस स्थिति में दर्ज होता है, इस पर अब सबकी नजर रहेगी।