आधी आबादी को सम्मान, सुरक्षा और स्वावलंबन देकर विकसित भारत का संकल्प पूरा कर रही सरकार: मुख्यमंत्री

आधी आबादी को सम्मान, सुरक्षा और स्वावलंबन देकर विकसित भारत का संकल्प पूरा कर रही सरकार: मुख्यमंत्री

गोरखपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि घर छोड़ने को मजबूर किसी बेटी या घरेलू हिंसा की शिकार महिला को अब दर-दर की ठोकर नहीं खानी पड़ेगी। गोरखपुर में 100 बेड का राजकीय महिला शरणालय ऐसी महिलाओं का संबल बनेगा। आधी आबादी को सम्मान और सुरक्षा देने के साथ स्वावलंबन के पथ पर आगे बढ़ाकर विकसित भारत की संकल्पना को पूरा करने के लिए सरकार लगातार काम कर रही है। उन्होंने रोजगार को लेकर विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा, आप गिनते जाइए, हम नौकरी बांटते जाएंगे। आप गिनते-गिनते थक जाएंगे, हम यूपी के नौजवानों को नौकरी देते-देते नहीं थकेंगे।

 मुख्यमंत्री योगी बुधवार को चरगांवा के सेमरा में 8.05 करोड़ रुपये की लागत से बने राजकीय महिला शरणालय के लोकार्पण समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने शरणालय का निरीक्षण कर यहां रह रहीं महिलाओं से मुलाकात की और उनके लिए उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने विभिन्न योजनाओं को प्रदर्शित करने वाले बोर्ड का भी अवलोकन किया।

 मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि बेटी के जन्म से लेकर उसकी पढ़ाई, विवाह, सुरक्षा और स्वावलंबन तक सरकार उसके साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के तहत जन्म से स्नातक तक बेटी के लिए 25 हजार रुपये की सहायता दी जा रही है। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में एक लाख रुपये की व्यवस्था की गई है। बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में 1.60 करोड़ बच्चों को यूनिफॉर्म, बैग, किताब, जूते-मोजे और स्वेटर की सुविधा दी जा रही है। उन्होंने कहा कि 1.10 करोड़ परिवारों को सालाना 12 हजार रुपये पेंशन और प्रदेश में 65 लाख गरीबों को प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत आवास दिए गए हैं।

 महिला सुरक्षा को लेकर सपा पर साधा निशाना-

मुख्यमंत्री योगी ने पूर्ववर्ती सपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि 2017 से पहले प्रदेश में ऐसी स्थिति थी कि कहावत चल पड़ी थी, “देख सपाई, बिटिया घबराई।” बेटियों की पढ़ाई और सुरक्षा को लेकर परिवार चिंतित रहते थे। गुंडागर्दी, जमीन पर कब्जे और अराजकता का माहौल था। आज उत्तर प्रदेश कर्फ्यू, दंगा, भय, गुंडागर्दी और कब्जे से मुक्त है। समाज और सरकार ने एक दिशा में काम किया तो इसके परिणाम सामने आए हैं।

 उन्होंने कहा कि अच्छे लोगों को चुनने से अच्छी सुविधाएं मिलती हैं। कोरोना काल में निराश्रित हुए बच्चों को सरकार चार हजार रुपये प्रतिमाह सहायता दे रही है। ऐसे बच्चों को पढ़ाई में मदद के लिए लैपटॉप भी उपलब्ध कराए गए हैं।

 साढ़े नौ लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी-

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि मिशन रोजगार के तहत अब तक साढ़े नौ लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी दी जा चुकी है। अलग-अलग क्षेत्रों में रोजगार की नई संभावनाएं बन रही हैं। प्रदेश में 96 लाख एमएसएमई इकाइयों के माध्यम से तीन करोड़ से अधिक लोगों को रोजगार मिला है। इनमें बड़ी संख्या में इकाइयों का संचालन महिलाएं कर रही हैं। 24 हजार से अधिक स्टार्टअप के साथ उत्तर प्रदेश का युवा अब नौकरी लेने वाला ही नहीं, बल्कि नौकरी देने वाला भी बन रहा है।

 उन्होंने कहा कि लखपति दीदी, ड्रोन दीदी और बैंकिंग कॉरेस्पोंडेंट सखी के रूप में महिलाएं स्वावलंबन की नई कहानी लिख रही हैं। नारी वंदन अधिनियम के जरिए लोकसभा और विधानसभा में भी महिलाओं के प्रतिनिधित्व का रास्ता सुनिश्चित किया गया है।

 इंसेफेलाइटिस से होने वाली मौतों का आंकड़ा शून्य पर-

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि 2017 से पहले पूर्वी उत्तर प्रदेश में इंसेफेलाइटिस बच्चों को निगल जाती थी। अकेले बीआरडी मेडिकल कॉलेज में करीब 500 बच्चों की मौत होती थी। सरकार के प्रयासों से आज मौत का आंकड़ा शून्य पर पहुंच गया है। उन्होंने गोरखपुर में सड़क, रेल और हवाई कनेक्टिविटी में आए बदलाव का भी उल्लेख किया। कहा कि बेहतर सड़क संपर्क से वाराणसी की यात्रा अब करीब ढाई घंटे में पूरी हो रही है।

 निराश्रित महिलाओं का संबल बनेगा शरणालय-

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि घरेलू हिंसा की शिकार महिला हो या किसी कारण परिवार से बिछड़ी बेटी, बहन अथवा बुजुर्ग महिला, यह शरणालय उनका सहारा बनेगा। उन्होंने शरणालय में रह रही एक बुजुर्ग महिला का उल्लेख करते हुए कहा कि वह बोल नहीं पा रही हैं और उनके घर-पते की जानकारी नहीं है। ऐसे लोगों का संबल सरकार बनती है और उन्हें उनके वैधानिक अभिभावकों से मिलाने का प्रयास करती है। मुख्यमंत्री ने महिला कल्याण विभाग से शरणालय का बेहतर संचालन करने की अपेक्षा की।

 

मुख्यमंत्री योगी ने वामन जयंती की शुभकामनाएं देते हुए भगवान विष्णु के वामन अवतार का उल्लेख किया और उपस्थित लोगों को बधाई दी।

 रवि किशन बोले- बहन-बेटियों के साथ खड़ी है सरकार-

सांसद रवि किशन शुक्ला ने कहा कि ठंड में कोई निराश्रित बेटी या बहन कहां जाएगी और उसे आश्रय कैसे मिलेगा, इसी सोच के साथ मुख्यमंत्री योगी ने आठ करोड़ रुपये से अधिक की लागत से यह शरणालय बनवाया है। उन्होंने कहा कि 2017 के बाद उत्तर प्रदेश ने नई करवट ली है। कानून के राज ने माफिया और गुंडागर्दी पर अंकुश लगाया है। पहले गरीबों की जमीन पर कब्जे और रंगदारी की घटनाएं होती थीं, जबकि आज सरकार गरीबों और महिलाओं के साथ खड़ी है। उन्होंने रोजगार और जनकल्याणकारी योजनाओं को लेकर भी सरकार के कार्यों का उल्लेख किया।

 यूपी उत्तम प्रदेश बनने की ओर अग्रसर: महेंद्रपाल

पिपराइच विधायक महेंद्रपाल सिंह ने स्वागत संबोधन में कहा कि सरकार ने जनकल्याणकारी योजनाओं को पात्र लोगों तक पहुंचाया है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में कभी इंसेफेलाइटिस से बड़ी संख्या में बच्चों की जान जाती थी, लेकिन सरकार के प्रयासों से इस पर प्रभावी नियंत्रण हुआ है। युवाओं को रोजगार और बेटियों को सुरक्षा देने के संकल्प के साथ सरकार काम कर रही है। मुख्यमंत्री योगी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश बीमारू प्रदेश की छवि से निकलकर उत्तम प्रदेश बनने की ओर अग्रसर है।

 बाल सेवा योजना के लाभार्थियों को दिए लैपटॉप-

कार्यक्रम में महिला कल्याण विभाग द्वारा संचालित मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के अंतर्गत अक्षिता गुप्ता, पलक चौहान, दीपिका, प्रियांशी यादव, उमरा अंजुम, आयुषी यादव, सुधीर कुमार, प्रियांशु यादव, अनीश कुमार सिंह और रुद्र प्रताप रंजन को लैपटॉप प्रदान किए गए।

 कार्यक्रम में ये रहे मौजूद-

कार्यक्रम में गोरखपुर सांसद रवि किशन शुक्ला, कुशीनगर सांसद विजय दुबे, महापौर डॉ. मंगलेश कुमार श्रीवास्तव, विधायक फतेह बहादुर सिंह, विपिन सिंह, महेंद्रपाल सिंह, प्रदीप शुक्ला व श्रवण कुमार निषाद, राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष चारु चौधरी, भाजपा क्षेत्रीय अध्यक्ष विनोद राय, जिलाध्यक्ष जनार्दन तिवारी, महानगर अध्यक्ष रमेश प्रताप गुप्त, चरगांवा ब्लॉक प्रमुख वंदना सिंह समेत जनप्रतिनिधि, महिला कल्याण विभाग के अधिकारी और बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।