जौहर यूनिवर्सिटी पर ED का शिकंजा, रामपुर-सहारनपुर और दिल्ली में 10 ठिकानों पर छापे

जौहर यूनिवर्सिटी पर ED का शिकंजा, रामपुर-सहारनपुर और दिल्ली में 10 ठिकानों पर छापे

प्रवर्तन निदेशालय ने मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट और रामपुर स्थित जौहर विश्वविद्यालय (Jauhar University) से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बड़ा एक्शन लिया है। ED की टीमों ने रामपुर, सहारनपुर और दिल्ली के 10 परिसरों पर छापेमारी की।

यह कार्रवाई सरकारी ठेकों की रकम को कथित तौर पर निजी ठेकेदारों के माध्यम से डायवर्ट करने और बाद में उसके इस्तेमाल से जुड़े आरोपों की जांच के तहत की गई है।

ठेके की रकम से यूनिवर्सिटी तक पैसा?

जांच एजेंसी के मुताबिक, कुछ ठेकेदारों और ट्रस्ट के बीच वित्तीय लेन-देन की जानकारी सामने आई है। आरोप है कि सरकारी ठेकों से मिले पैसों को कथित तौर पर ट्रस्ट या विश्वविद्यालय की ओर मोड़ा गया।

ED अब यह पता लगाने में जुटी है कि सरकारी फंड का कथित डायवर्जन कैसे हुआ और इस रकम का इस्तेमाल विश्वविद्यालय या ट्रस्ट की संपत्तियों के निर्माण समेत किन कामों में किया गया।

दस्तावेजों से डिजिटल रिकॉर्ड तक तलाशी

छापेमारी के दौरान ED ने वित्तीय दस्तावेज, रिकॉर्ड और डिजिटल साक्ष्यों की जांच की। एजेंसी कथित अपराध की आय और सरकारी निधियों के डायवर्जन से जुड़े सबूत जुटा रही है।

जांच में सामने आए वित्तीय लेन-देन की भी पड़ताल की जा रही है।

38 भवनों पर भी चल रहा विवाद

जौहर विश्वविद्यालय के भवनों को लेकर भी प्रशासन और विश्वविद्यालय प्रबंधन के बीच विवाद चल रहा है। रामपुर विकास प्राधिकरण ने बिना नक्शा पास हुए बनाए गए 38 भवनों को गिराने का आदेश दिया था।

विश्वविद्यालय प्रबंधन और जौहर ट्रस्ट ने इस आदेश के खिलाफ अपील की। इसके बाद मुरादाबाद के कमिश्नर और RDA अध्यक्ष आंजनेय कुमार सिंह ने ध्वस्तीकरण के आदेश पर रोक लगा दी।

अब ED की छापेमारी ने जौहर ट्रस्ट और विश्वविद्यालय से जुड़े पूरे मामले को एक बार फिर सुर्खियों में ला दिया है।