लखनऊ। लखनऊ विश्वविद्यालय शिक्षक संघ (लूटा ) और लखनऊ विश्वविद्यालय सहयुक्त महाविद्यालय शिक्षक संघ (लुआक्टा) के संयुक्त प्रतिनिधि मंडल ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से उनके कालीदास मार्ग स्थित सरकारी आवास पर मुलाकात की। शिक्षक समस्याओं पर वार्ता करने के साथ ही 20 सूत्री मांग पत्र का एक ज्ञापन सौंपा। मुख्यमंत्री याेगी ने इन समस्याओं के समाधान के लिए सकारात्मक आश्वासन दिया है।
लखनऊ विश्वविद्यालय शिक्षक संघ (लूटा ) के अध्यक्ष डॉ. अनित्य गौरव, महामंत्री प्रौफेसर राम मिलन, लखनऊ विश्वविद्यालय सहयुक्त महाविद्यालय शिक्षक संघ (लुआक्टा) के अध्यक्ष प्रोफेसर मनोज पांडेय और महामंत्री प्रोफेसर अंशु केडिया ने शिक्षक समस्याओं को लेकर मंगलवार काे मुख्यमंत्री से भेंट की। शिक्षक समस्याओं पर वार्ता करने के बाद बुधवार काे लुआक्टा के अध्यक्ष प्रोफेसर मनोज पांडेय व महामंत्री अंशु केडिया ने बताया कि प्रतिनिधिमंडल की ओर से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सौंपे गये ज्ञापन पर विस्तृत वार्ता की गयी और उच्च शिक्षा के शिक्षकों एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारियों की बहुप्रतीक्षित कैशलेस चिकित्सा मांग पूरी होने पर आभार व्यक्त किया।
शिक्षक नेताओं ने बताया कि ज्ञापन में जिन प्रमुख मांगों को उल्लेख किया गया है, उनमें पुरानी पेंशन बहाली, शिक्षकों की अधिवर्षिता आयु 62 वर्ष से बढ़ाकर यूजीसी की संस्तुतियों के अनुसार 65 वर्ष किये जाने, शिक्षकों को ग्रेच्युटी का लाभ प्रदान किये जाने, समर्थ पोर्टल के माध्यम से प्रोफेसर पद हेतु प्रोन्नति मे यूजीसी विनियम 2018 एवं उत्तर प्रदेश शासन के शासनादेश के विपरीत मूल्यांकन अवधि में 110 एपीआई की माँग करने के संबंध में समर्थ पोर्टल के सॉफ्टवेयर में संशोधन कर यू जी सी रेगुलेशन 2018 की अर्हता लागू करने, मानदेय शिक्षकों को उनकी पुरानी सेवा को जोड़कर सीएएस में प्रोन्नति प्रदान करने, कैशलेश मेडिकल सुविधा का लाभ सेवानिवृत्त शिक्षकों को भी दिये जाने, पूर्व की भाँति फीडर कैडर का लाभ प्रदान करने, सहायता प्राप्त आशासकीय महाविद्यालयों के स्ववित्तपोषित पाठ्यक्रम को अनुदान पर लिया जाय, इस पर कार्यरत शिक्षकों को नियमित किया जाय, यू.जी.सी. रेगुलेशन 2018 की संस्तुतियों एवं प्रदेश सरकार द्वारा निर्गत शासनादेश के आलोक में पी एच डी की अर्हता न रखने वाले शिक्षकों को भी पे-बैंड 4 प्रदान करने, समर्थ पोर्टल के माध्यम से सीएएस की प्रोन्नति मे महाविद्यालय एवं विश्वविद्यालय स्तर पर शासनादेश में वर्णित समय अवधि का पालन निदेशालय स्तर पर करने तथा वेतन निर्धारण का कार्य भी आनलाइन की मांगें शामिल हैं।
शिक्षक नेता प्रोफेसर मनोज पांडेय ने बताया कि इसके साथ ही मांगपत्र में समस्त प्रोन्नति पर यूजीसी नियमन के अनुसार एक नोशनल इंक्रीमेंट दिये जाने, राज्य विश्वविद्यालयों मे छह कार्य दिवस होने के कारण आकस्मिक अवकाशों की संख्या 14 करने, शिक्षकों को मेडिकल अवकाश दिये जाने, निदेशालय द्वारा आनलाइन के माध्यम से जी पी एफ एवं पेंशन की स्वीकृति प्रदान किये जाने, सेवानिवृत्त शिक्षकों को प्रतिवर्ष 30 जून को पेंशन की प्राप्ति सुनिश्चित करने तथा नोशनल इंक्रीमेंट का लाभ पेंशन गणना में किये जाने की मांग की गयी है। साथ ही बाल्य देखभाल अवकाश की विसंगति दूर करने व पितृत्व अवकाश प्रदान किये जाने, स्थानान्तरण प्रक्रिया से एन.ओ.सी. की प्रक्रिया समाप्त करने, महाविद्यालयों के प्रोफेराें को विश्वविद्यालय के शिक्षकों की भाँति समस्त अकादमिक समितियों का सदस्य बनाये जाने, एनपीएस की ग्रांट जारी करने के साथ ही साथ शिक्षकों को पास बुक जारी करने और निदेशालय स्तर पर सिटीजन चार्टर लागू करने तथा समर्थ पोर्टल के माध्यम से आन लाइन प्रक्रिया शुरु किये जाने की मांग शामिल हैं। शिक्षक नेताओं ने उम्मीद जतायी है कि मुख्यमंत्री शिक्षक समस्याओं के समाधान के प्रति संवेदनशील हैं।
