वृंदावन: तीर्थनगरी वृंदावन में संत प्रेमानंद महाराज से दीक्षित 25 वर्षीय रसिक दुलारी शरण की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद मामले की जांच तेज हो गई है। शुक्रवार को वह वाराहघाट क्षेत्र स्थित चार मंजिला गुरु कृपा कुंज की ऊपरी मंजिल से नीचे गिर गए थे। गंभीर हालत में उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
घटना की जांच के दौरान पुलिस को उनके कमरे से खून लगा ग्राइंडर और अन्य सामान मिला है। शरीर पर भी चोट के निशान पाए गए हैं। इन परिस्थितियों के बाद पुलिस मौत से पहले की घटनाओं और चोटों की वजह की जांच कर रही है। फिलहाल पुलिस ने किसी निष्कर्ष की पुष्टि नहीं की है।
50 से ज्यादा शिष्य और सेवादार रहते हैं
गुरु कृपा कुंज की चार मंजिला इमारत वाराहघाट क्षेत्र में स्थित है और यहां संत प्रेमानंद महाराज से जुड़े कई शिष्य रहते हैं। रिपोर्टों के मुताबिक, इमारत में करीब 50 अन्य साधक भी रहते हैं।
पुलिस को घटना की जानकारी अस्पताल से मिली थी। इसके बाद पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की। घटनास्थल से मिले साक्ष्यों के अलावा सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल और डायरी की भी जांच की जा रही है।
जबलपुर के रहने वाले थे रसिक दुलारी
रसिक दुलारी शरण मूल रूप से जबलपुर, मध्य प्रदेश के रहने वाले थे। दीक्षा के बाद उन्होंने अपना नाम दीपक से बदलकर रसिक दुलारी शरण रखा था। वह करीब दो साल से वृंदावन में रह रहे थे और आश्रम में बिजली से जुड़े काम में भी सहयोग करते थे।
परिजनों को घटना की जानकारी दे दी गई है। परिवार की ओर से भी मामले में कुछ आशंकाएं जताए जाने की बात सामने आई है। पुलिस सभी बिंदुओं को ध्यान में रखकर जांच आगे बढ़ा रही है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार
पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। अधिकारियों के मुताबिक, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फॉरेंसिक साक्ष्यों और अन्य जांच के आधार पर मौत की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल मामले में किसी संभावना को अंतिम रूप नहीं दिया गया है।
