योगी सरकार के ‘सेवा संकल्प अभियान’ से शिक्षा जगत में बढ़ेगी जनभागीदारी

योगी सरकार के ‘सेवा संकल्प अभियान’ से शिक्षा जगत में बढ़ेगी जनभागीदारी

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार ‘सेवा संकल्प अभियान’ को व्यापक जनभागीदारी का अभियान बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जनसेवा के 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में प्रस्तावित इस अभियान के माध्यम से प्रदेश के विद्यार्थियों, युवाओं, शिक्षकों और अभिभावकों को ‘विकसित भारत 2047’ के राष्ट्रीय संकल्प से जोड़ने की व्यापक कार्ययोजना तैयार की जा रही है।

इसी क्रम में उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय, माध्यमिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गुलाब देवी, बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह तथा उच्च शिक्षा राज्यमंत्री रजनी तिवारी ने अधिकारियों के साथ बैठक कर अभियान की तैयारियों की समीक्षा की। बैठक में उच्च शिक्षा, माध्यमिक शिक्षा और बेसिक शिक्षा विभाग के माध्यम से विद्यार्थियों एवं युवाओं की अधिक से अधिक भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।

25 करोड़ बच्चों के सपनों को मिलेगा मंच-

अभियान के तहत ‘25 करोड़ बच्चों के सपनों का भारत’ कार्यक्रम 17 सितंबर से 7 अक्टूबर तक आयोजित होगा। इसके अंतर्गत प्रदेश के शासकीय एवं निजी विद्यालयों में कक्षा 5 से 8 तक के विद्यार्थियों के लिए ड्राइंग तथा कक्षा 9 से 12 तक के विद्यार्थियों के लिए भाषण प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी।

प्रतियोगिताओं का आयोजन विद्यालय एवं ब्लॉक स्तर से जिला स्तर तक किया जाएगा। उत्कृष्ट चित्रों को चयनित कर जिला स्तरीय प्रदर्शनी लगाई जाएगी। इसके बाद राज्य स्तरीय भव्य प्रदर्शनी का आयोजन किया जाएगा, जिसमें मंत्रीगण की सहभागिता रहेगी। इस पहल के जरिए बच्चों की कल्पनाशीलता और रचनात्मक प्रतिभा को मंच देने के साथ अभियान के संदेश को परिवार और समाज तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।

युवाओं से संवाद, ‘विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश’ पर जोर-

योगी सरकार की मंशा के अनुरूप अभियान में उच्च शिक्षण संस्थानों के युवाओं को भी सक्रिय भागीदार बनाया जाएगा। विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों में युवाओं से संवाद कार्यक्रम आयोजित होंगे। साथ ही ‘विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश’ की थीम पर ड्राइंग, भाषण एवं अन्य रचनात्मक प्रतियोगिताओं के माध्यम से युवाओं की सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी। सरकार का मानना है कि प्रदेश के युवा केवल विकसित भारत के सपने के दर्शक नहीं, बल्कि उसके निर्माण के महत्वपूर्ण सहभागी हैं। ऐसे में उच्च शिक्षण संस्थानों के माध्यम से युवाओं के विचार, रचनात्मकता और नवाचार को अभियान से जोड़ने की पहल की जा रही है।

विद्यालय से परिवार और समाज तक पहुंचेगा संदेश-

‘सेवा संकल्प अभियान’ को केवल विद्यालयों तक सीमित नहीं रखा जाएगा। विद्यार्थियों के साथ उनके अभिभावकों, ग्रामीणों और आम नागरिकों की सहभागिता भी सुनिश्चित की जाएगी। बच्चों की रचनात्मक अभिव्यक्ति के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 वर्षों के सेवा कार्यों तथा ‘विकसित भारत 2047’ के संकल्प को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास होगा।

बैठक में विभागीय समन्वय और अभियान की गतिविधियों के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष बल दिया गया। 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलने वाले ‘सेवा संकल्प अभियान’ में 12 प्रमुख कार्यक्रमों के माध्यम से जनकल्याणकारी कार्यों और विकास यात्रा को जनता तक पहुंचाने के साथ प्रत्येक नागरिक को विकसित भारत के सामूहिक संकल्प से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है।