UP PET को लेकर CM योगी सख्त, सुरक्षा से ट्रांसपोर्ट तक पुख्ता इंतजाम के निर्देश

उत्तर प्रदेश में प्रारंभिक अर्हता परीक्षा (UP PET) 2026 को लेकर प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। परीक्षा में 35 लाख से अधिक अभ्यर्थियों के शामिल होने के कारण सरकार का जोर सुरक्षा, यातायात और परिवहन व्यवस्था को दुरुस्त रखने पर है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि परीक्षा देने आने वाले किसी भी उम्मीदवार को केंद्र तक पहुंचने में परेशानी न हो। साथ ही परीक्षा को व्यवस्थित और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए सभी जरूरी इंतजाम समय रहते पूरे करने को कहा गया है।
1 नवंबर को होगी परीक्षा
दिए गए कार्यक्रम के मुताबिक, UP PET 2026 का आयोजन 25 अक्टूबर, 30 अक्टूबर और 1 नवंबर को किया जाएगा। परीक्षा के लिए कुल 35,41,297 अभ्यर्थियों ने पंजीकरण कराया है। परीक्षा दो पालियों में आयोजित होगी। पहली पाली सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक और दूसरी पाली दोपहर 3 बजे से शाम 5 बजे तक चलेगी। परीक्षा प्रदेश के 60 जिलों में बनाए गए 1,372 केंद्रों पर कराए जाने की जानकारी दी गई है। बड़ी संख्या में उम्मीदवारों की आवाजाही को देखते हुए जिला प्रशासन और संबंधित विभागों को आपसी तालमेल के साथ काम करने के निर्देश दिए गए हैं। परीक्षा केंद्रों पर जरूरी व्यवस्थाओं के साथ अभ्यर्थियों की सुविधा का भी ध्यान रखने को कहा गया है।
रेलवे स्टेशन और बस अड्डों पर बढ़ाई जाएगी निगरानी
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को परीक्षा केंद्रों के अलावा रेलवे स्टेशनों, बस अड्डों और प्रमुख सड़कों पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रखने के निर्देश दिए हैं। जिन इलाकों में अभ्यर्थियों की भीड़ अधिक रहने की संभावना है, वहां यातायात सुचारु बनाए रखने और जरूरत के मुताबिक पुलिस बल तैनात करने पर जोर दिया गया है। परीक्षा केंद्रों और कोषागारों में लगे सीसीटीवी कैमरों के जरिए निगरानी रखने के निर्देश भी दिए गए हैं। प्रशासन को भीड़ प्रबंधन पर विशेष ध्यान देने और किसी भी तरह की अव्यवस्था से बचने के लिए पहले से तैयारी करने को कहा गया है। परीक्षा के दौरान संबंधित अधिकारियों को व्यवस्थाओं पर लगातार नजर रखनी होगी।
दूसरे जिलों से आने वालों अभ्यर्थियों की सुरक्षा पर जोर
परीक्षा में शामिल होने के लिए दूसरे जिलों से यात्रा करने वाले अभ्यर्थियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए परिवहन व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। अधिकारियों को जरूरत के अनुसार बसों की उपलब्धता सुनिश्चित करने और प्रमुख स्थानों पर जरूरी सुविधाओं के इंतजाम करने के निर्देश दिए गए हैं।
महिला अभ्यर्थियों की सहायता के लिए हेल्प डेस्क बनाने पर भी जोर दिया गया है, ताकि उन्हें किसी समस्या की स्थिति में मदद मिल सके। प्रशासन का लक्ष्य है कि परीक्षा केंद्रों तक पहुंचने, परीक्षा देने और वापस लौटने के दौरान अभ्यर्थियों को अनावश्यक परेशानी न हो। सुरक्षा, यातायात और भीड़ नियंत्रण की व्यवस्थाओं की निगरानी परीक्षा के दौरान भी जारी रहेगी।
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